अयोध्या में रामलला का सूर्यतिलक, रामनवमी पर दिखा भव्य नजारा, Video
रामलला का सूर्यतिलक
Surya Tilak of Ram Lalla: अयोध्या में रामनवमीं के अवसर पर रामलला का सूर्यतिलक हुआ है. रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरा सूर्य तिलक है, जो अभिजीत मुहूर्त में आज दोपहर 12 बजे किया गया. करीब 9 मिनट तक रामलला के ललाट पर सीधी किरणें पड़ीं. रामनवमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भगवान रामलला की पूजा की और राम मंदिर के सूर्य तिलक समारोह में शामिल हुए.
राम नवमी पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भगवान राम लल्ला की पूजा की और अयोध्या राम मंदिर में सूर्य तिलक समारोह में हिस्सा लिया। pic.twitter.com/9HpBztSrpa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 27, 2026
शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रामलला का अभिषेक किया गया. इसके बाद रामलला का श्रंगार हुआ. श्रंगार करने के बाद कुछ समय के लिए पट बंद भी बंद किए गए. दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया. राम मंदिर की तीसरी मंजिल से ऑप्टो-मैकेनिकल सिस्टम के माध्यम से सूर्य की किरणें गर्भ गृह तक पहुंची.
श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या से श्री राम नवमी महोत्सव का सीधा प्रसारण
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) March 27, 2026
Live webcast of Shri Ram Navami celebrations from Shri Ram Janmabhoomi Mandir, Ayodhya https://t.co/uQDaYjNdS3
कैसे होता है सूर्य तिलक?
रामलला का सूर्य तिलक किया जाता है. सूर्य तिलक कोई आम पूजा जैसा नहीं होती है. सूर्य तिलक के लिए मंदिर में पहले से खास इंतजाम किए जाते हैं. ऐसा समय रखा जाता है. जब ऊपर की तरफ से सूर्य की रोशनी को अंदर तक लाया जा सके. इसके लिए विशेष दर्पण और लेंस लगाए जाते हैं. इसके जरिए सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह तक पहुंचाई जाती हैं. गर्भगृह में विराजमान रामलला के ललाट पर सीधे किरणें पहुंचती हैं. जिसे सूर्य तिलक कहते हैं.
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क्यों किया जाता है रामलला का सूर्य तिलक?
धार्मिक मान्याओं के अनुसार, भगवान राम सूर्यवंश से ताल्लुक रखते हैं. शायद यही वजह है कि इस आयोजन को इतने भव्य और दिव्य रूप से किया जाता है. सूर्य तिलक को सूर्य देव के आशीर्वाद के रूप में देखा जाता है.