‘बदबू आ रही है, शव नहीं ले जा सकते हैं’, जबलपुर में फ्लाइट ऑपरेटर ने किया इनकार, स्प्रे मंगवाकर छिड़कने के बाद भरी उड़ान

कामराज मूल रूप से तमिलनाडु के त्रिची के रहने वाले थे. साल 2010 में ऑर्डनेंस फैक्ट्री में नौकरी लगने के बाद काम करने के लिए यहां आ गए थे.
Kamaraj with his son and wife (File Photo)

कामराज अपने बेटे और पत्नी के साथ(File Photo)

MP News: जबलपुर के बरगी में क्रू हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई. अब हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों की दुर्दशा की खबरें भी आने लगी हैं. हद तो तब हो गई, जब हादसे में जान गंवाने वाले पिता-पुत्र के शवों को एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेटर ने ये कहते हुए ले जाने से इनकार कर दिया कि शवों से बदबू आ रही है. जिसके बाद स्प्रे मंगवाकर छिड़कना पड़ा, तब जाकर फ्लाइट ने उड़ान भरी. इससे पता चलता है कि मृतकों के शवों को सही से नहीं रखा गया था.

स्प्रे के बाद कॉफिन की दोबारा टेपिंग की गई

आर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज आर और उनके 5 साल के बेटे श्रीतमिल की बरगी क्रू हादसे में मौत हो गई थी. बेटे श्रीतमिल का शव 2 मई को, और कामराज का शव 3 मई को मिला था. कामराज मूल रूप से तमिलनाडु के त्रिची के रहने वाले थे. साल 2010 में ऑर्डनेंस फैक्ट्री में नौकरी लगने के बाद काम करने के लिए यहां आ गए थे.

सोमवार को पिता और पुत्र के शवों को ले जाने के लिए फ्लाइट में रखा गया था, लेकिन तभी फ्लाइट ऑपरेटर ने शवों को ले जाने से मना कर दिया. फ्लाइट ऑपरेटर का कहना था कि डेड बॉडी डी-कंपोज हो रही है, इसलिए इन्हें नहीं ले जाया जा सकता है. इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने किसी फ्लाइट ऑपरेटर को किसी तरह समझा-बुझाकर मनाया. हालंकि डेड बॉडी को रवाना करने से पहले स्प्रे करने के बाद कॉफिन की दोबारा टेंपिंग की गई.

मौसम खराब होने के कारण रविवार को नहीं भेजे गए थे शव

बेटे का शव 2 मई को मिलने के बाद कामराज का शव भी 3 मई को मिल गया था. दोनों का शव 3 मई को ही भेजने की व्यवस्था की गई थी. अस्पताल से एंबुलेंस भी डुमना एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी, लेकिन उससे पहले मौसम खराब की जानकारी की बात कहते हुए एंबुलेंस को वापस करवा दिया गया.

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