उमरिया में बाघ ने एक और युवक को बनाया निवाला, दो दिनों में दो मौतें, कल युवक की बड़ी मम्मी को बनाया था शिकार

बताया जा रहा है कि जिस जगह पर शनिवार को बाघ ने युवक पर हमला हुआ, उससे कुछ ही दूरी पर शुक्रवार को युवक की बड़ी मम्मी को अपना शिकार बनाया था.
In Umaria, an elephant had to be called to drive away the tiger.

उमरिया में बाघ को भगाने के लिए हाथी को बुलाना पड़ा.

Input- चंदन श्रीवास

MP News: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र में लोग बाघ के हमले से होने वाली मौत रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. शनिवार को पनपथा कोर परिक्षेत्र स्थित कुदरी जंगल में बाघ ने एक युवक को अपना शिकार बना लिया. बाघ के हमले से ये लगातार दो दिनों में दो मौतें हो चुकी हैं. इसके पहले शुक्रवार को बाघ ने युवक की बड़ी मां को अपना निवाला बना लिया था. वहीं लगातार हो रहे बाघ के हमलों के डर से लोग खौफ के साए में जी रहे हैं. इतना ही नहीं बाघ को भगाने के लिए हाथियों को बुलाना पड़ा.

बाघ के महले से लगातार दो दिनों में दो मौतें

पूरा मामला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर परिक्षेत्र स्थित कुदरी जंगल का है. यहां शनिवार को बाघ के हमले से एक युवक की मौत हो गई. मृतक की पहचान कल्याण सिंह (35 ), पिता रामकृपाल सिंह, निवासी झलवार के रूप में हुई है. युवक किसी काम से जंगल गया हुआ था. इसी दौरान बाघ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. बताया जा रहा है कि जिस जगह पर शनिवार को बाघ ने युवक पर हमला हुआ, उससे कुछ ही दूरी पर शुक्रवार को युवक की बड़ी मम्मी को अपना शिकार बनाया था. वहीं दो दिनों में लगातार दो लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों को अपने घर से बाहर निकलने में भी डर निकल रहा है.

मई और जून महीने में वन्य जीवों के हमले

  • 3 मई को पनपथा कोर क्षेत्र में कुदरी निवासी रज्जू कोल (46) की टाइगर हमले में मौत हो गई.
  • 10 मई को धमोखर बफर क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोड़ने गई गोरईया निवासी युवती मीरा सिंह (26) पर भालू ने हमला किया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई.
  • 11 मई को मानपुर बफर क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान निरसिया बैगा पर बाघ ने हमला किया, जिसमें दाहिने हाथ और हथेली में चोट लगी.
  • 12 मई को मानपुर बफर क्षेत्र में धर्मेंद्र पर बाघ ने हमला किया, जिसमें उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं.
  • 16 मई को पनपथा कोर के कुदरी में तेंदूपत्ता तोड़ते समय एक महिला पर बाघ ने हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई.
  • 24 मई को घर मे सो रही महिला फूलबाई की बाघ के हमले से मौत हो गई थी.
  • 12 जून को पनपथा कोर के जंगल में महुआ की गोही बीनने गई महिला फूलबाई की मौत हो गई.
  • 13 जून को फूलबाई के भतीजे कल्याण सिंह की बाघ के हमले में मौत हुई.

ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश, भय और असुरक्षा का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग ने समय रहते प्रभावी कदम उठाए होते तो दूसरी जान बचाई जा सकती थी. ग्रामीणों ने हमलावर टाइगर को तत्काल पकड़ने, प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई है और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है.

वन विभाग लोगों से जंगल में अकेले न जाने और सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है. सवाल यही है कि लगातार दो दिनों में बाघ के हमले से दो मौतें हो गई, लेकिन वन विभाग की टीम ने क्या कार्रवाई की?

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