Ram Mandir Donation: सोने की रामचरितमानस समेत दान के 5 सामान ट्रस्ट ने दिखाए, चोरी होने का किया गया था दावा

ट्रस्ट ने उन दावों का खंडन किया, जिसमें सोने की रामचरितमानस समेत सोने चांदी की 5 वस्तुएं चोरी होने का दावा किया गया था. इसको लेकर ट्रस्ट की तरफ से वीडियो जारी करके सभी वस्तुएं दिखाई गईं.
The trust released a video of the items that were claimed to have been stolen.

जिन वस्तुओं की चोरी का दावा किया गया था, ट्रस्ट ने उन वस्तुओं का वीडियो जारी किया.

UP News: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को बैठक हुई. इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. इसके साथ ही ट्रस्ट ने उन दावों का खंडन किया, जिसमें सोने की रामचरितमानस समेत सोने चांदी की 5 वस्तुएं चोरी होने का दावा किया गया था. इसको लेकर ट्रस्ट की तरफ से वीडियो जारी करके सभी वस्तुएं दिखाई गईं.

पूर्व IAS ने रामचरितमानस के गायब होने की आशंका जताई थी

पूर्व आईएएस एस. लक्ष्मीनारायण ने कहा था कि उन्होंने मंदिर में रामचरितमानस दी थी. इसके पन्नों पर सोने का लेप लगा था. इसकी कीमत लगभग 5 करोड़ थी. पूर्व आईएएस का दावा था कि शुरुआत में तो कुछ दिनों के लिए सोने की रामचरितमानस मंदिर में प्रदर्शित की गई, लेकिन इसके बाद उसे हटा दिया गया. पूर्व आईएएस का आरोप है कि जब उन्होंने ट्र्स्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा था कि मंदिर में बहुत सी ऐसी सोने-चांदी की चीजें दान में आती हैं, तो क्या सभी को मंदिर में रख दिया जाए.

ट्रस्ट की तरफ से कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने उन चीजों को दिखाया, जिनके बारे में चोरी और गायब होने की बात कही गई थी. स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराजसोने की रामचरितमानस, भगवान राम के चरण चिन्ह, हार और काकभुशुंडि को प्रदर्शित किया.

पूर्व IFS कृष्ण मोहन बनाए गए ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद पहली बार ट्रस्ट की सोमवार को बैठक हुई. ये बैठक लगभग 3 घंटे चली. इस दौरान चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार करने के साथ ही ट्रस्ट पूर्व पूर्व IFS कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का कार्यवाहक महासचिव बनाया गया.

वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कृष्ण मोहन ने कहा, ‘जब तक नए महामंत्री की नियुक्ति नहीं हो जाती है, तब तक मुझे इस पद की जिम्मेदारी संभालनी है. जिसको मैं पूरी ईमानदारी से निभआऊंगा. इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें सजा दिलाने के लिए हम सभी अग्रणी भूमिका निभाएंगे. इस घटना से हम सभी आहत है, राम भक्तों को कष्ट हुआ. प्रबंधन संचालन में कमियां रह गई हैं. इसका फायदा लोगों ने उठाया है. अब हमारा सबसे पहला काम है जो भी लूपहोल रह हैं, जिसके कारण ये हुआ है, उसको सही करना है, जिससे इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो.’

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