भाेजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, कहा- विवादित स्थान के पास दी जा सकती है नमाज के लिए जगह
भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई.
Bhojshala Controversy: धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर से जुड़े विवाद पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस विवाद का जल्द समाधान चाहती है और जरूरत पड़ने पर रोजाना सुनवाई करने के लिए भी तैयार है.
कोर्ट की अनुमति के बिना परिसर में नहीं किया जाए बदलाव
अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत कहा कि मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा करने के लिए विवादित परिसर के पास अलग खुली जगह उपलब्ध कराई जा सकती है. साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को निर्देश दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना परिसर में किसी भी तरह का संरचनात्मक बदलाव नहीं किया जाएगा.
अदालत के शब्दों का होता है विशेष महत्व
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस तरह के मामलों में अदालत के हर शब्द का विशेष महत्व होता है. इसलिए सभी पक्षों और अदालत को बेहद सतर्क रहना होगा, क्योंकि किसी भी टिप्पणी से अनावश्यक विवाद या गलत संदेश जा सकता है.
राज्य सरकार के सामने आने वाली चुनौतियों पर होगा विचार
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक रूप से कहा कि अंतरिम व्यवस्था से जुड़ा यह मामला पहली बार इस रूप में उनके समक्ष आया है. उन्होंने कहा कि अदालत हाई कोर्ट के आदेश के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य सरकार के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी विचार कर रही है. फिलहाल मौजूदा व्यवस्था को जारी रखते हुए मामले को अगले 10 से 15 दिनों के भीतर उपयुक्त पीठ के समक्ष विस्तृत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है.