बिहार में मॉडल स्कूलों का बदला नाम, भगवा रंग में रंगने को लेकर सियासी हलचल तेज, JDU ने भी जताई चिंता
बिहार में स्कूलों को भगवा रंग से रंगने पर जेडीयू ने भी जताई चिंता
JDU Raises Color Concerns: बिहार सरकार ने 551 मॉडल स्कूलों का नाम बदलकर सरस्वती विद्या निकेतन कर दिया है. इसके साथ ही सभी स्कूलों को भगवा रंग में रंगने का फैसला किया है. रविवार, 19 जुलाई को खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि शिक्षा के नए युग की शुरुआत कर दी है. अब स्कूलों में लाइव इंटर इंटरैक्टिव कक्षाओं के अलावा फ्री में जेईई और नीट की कोचिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी. लेकिन विपक्ष ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है. विपक्ष के साथ ही जेडीयू, जो एनडीए में शामिल है. उनके भी चिंता जताई है.
बिहार सरकार के इस फैसले को लेकर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि कवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि बेगुसराय में 551वें सरस्वती विद्या निकेतन का उद्घाटन करके हमने शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत की है. इन स्कूलों को पहले की अपेक्षा अपग्रेड किया गया है. जिसमें आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढ़ांचा, ई-लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लासरूम मौजूद हैं. इसके पीछे सरकार का मकसद है कि हर बच्चे को टेक्नोलॉजी और मूल्यों पर आधारित शिक्षा मिले.
निजी स्कूलों जैसा माहौल देने की तैयारी
सीएम का कहना है कि बच्चों को निजी स्कूल जैसा माहौल देने के लिए अपग्रेड किया गया है. ताकि जो निम्न वर्ग के गरीब बच्चे हैं. उनको भी समान अवसर मिल सके. इसके लिए बिहार शिक्षा विभाग ने स्कूलों को एक आदेश जारी कर तुरंत केसरिया रंग रूप अपनाने का निर्देश दिया. लेकिन सरकार के इस फैसले का कुछ लोग आलोचना भी कर रहे हैं.
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जेडीयू प्रवक्ता ने जताई चिंता
एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि शिक्षा का कोई रंग नहीं होता है. इसे केवल संविधान की प्रस्तावना में निहित भावना के अनुरूप होना चाहिए. उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि बिहार के कई स्कूलों के लिए जमीन दान करने वालों के नाम सरस्वती विद्या निकेतन के साइनबोर्ड के नीचे लिखे जा रहे हैं. जबकि दानदाताओं के नाम पहले होने चाहिए.