बड़वानी पुलिस ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान में 16,700 छात्रों ने बनाई पेंटिंग
नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान
इनपुट-सचिन राठौड़
Barwani: बड़वानी जिले की पुलिस ने ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत एक विश्व रिकॉर्ड बनाया है. इस अभियान को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है, जिससे जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो गया है. मंगलवार को बावनगजा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल को आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा. टीम ने इस उपलब्धि के लिए बड़वानी पुलिस के प्रयासों की सराहना की.
व्यापक स्तर पर चला अभियान
बड़वानी पुलिस ने शासन के निर्देशों के तहत जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में इस अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया. अभियान का मुख्य आकर्षण तब रहा जब एक ही दिन में जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 16,700 से अधिक विद्यार्थियों ने नशे के खिलाफ बैनर, पोस्टर और पेंटिंग बनाई.
नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाया
इन विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को दर्शाया और सार्वजनिक रूप से नशे से दूर रहने का संकल्प भी लिया. इस अभूतपूर्व जनभागीदारी के कारण ही बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है.
पुलिस ने इस अभियान को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा. प्रत्येक थाना क्षेत्र में नुक्कड़ नाटक, रैलियां, सेमिनार और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए. इनके माध्यम से आम जनता को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जागरूक किया गया. पुलिसकर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों को नशामुक्त जीवन जीने की शपथ भी दिलाई.
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज में नशे के प्रति एक नकारात्मक माहौल तैयार करना है. प्रमाण पत्र मिलने के बाद एसपी पद्मविलोचन शुक्ल ने सभी पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और जिले की जनता को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह सम्मान बड़वानी जिले के हर उस नागरिक का है जिसने नशे के खिलाफ आवाज उठाई है.
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आया नाम
उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम आना गर्व की बात है, लेकिन वास्तविक जीत तब होगी जब जिला पूरी तरह नशामुक्त हो जाएगा. एसपी शुक्ल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रमाण पत्र की प्राप्ति के बाद भी पुलिस का यह अभियान जारी रहेगा. आगे भी स्कूल, कॉलेज और गांवों में लगातार नशामुक्ति के कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे की लत से बचाया जा सके.
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने भी बड़वानी पुलिस की कार्ययोजना और जनसहभागिता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और इसे अन्य जिलों के लिए एक मॉडल बताया.
ये भी पढ़ेंः धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एथेनॉल के मुद्दे पर बड़े आंदोलन की तैयारी में AAP, केजरीवाल का बड़ा ऐलान