MP News: सीधी में छात्रवास प्रबंधन पर लगा छात्राओं से सफाई कराने का आरोप, शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
स्कूल में छात्रों से कराई साफ-सफाई
MP News: सीधी जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने इंसानियत, शिक्षा व्यवस्था और छात्रावास प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास की छात्राओं से सफाई कार्य कराए जाने का दावा किया जा रहा है. वीडियो में कुछ बच्चियां टॉयलेट के पानी के टैंक की सफाई करती और छात्रावास की छत पर झाड़ू लगाती दिखाई दे रही हैं. यदि वीडियो सही है, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है.
टॉयलेट टैंक और छत की सफाई का दावा
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से वायरल हो रहा यह वीडियो लोगों को झकझोर रहा है. जिन हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन्हीं मासूम बच्चियों के हाथों में झाड़ू और सफाई का सामान दिखाई दे रहा है. वीडियो में कथित तौर पर छात्राओं से सिंटेक्स टैंक और टॉयलेट टैंक की सफाई कराई जाती दिखाई दे रही है. इतना ही नहीं, दो मंजिला भवन की छत पर भी बच्चियों से सफाई कराई जा रही है. इन दृश्यों को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और सोशल मीडिया पर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठ रही है.
अनियमितताओं के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि छात्रावास में लंबे समय से अनियमितताएं चल रही हैं. यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि छात्रावास के संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि छात्रावास के संचालन को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आती रही हैं. यदि इन शिकायतों में सच्चाई है, तो यह बालिकाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है.
नियमों पर उठ रहे हैं सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या छात्राओं से इस प्रकार का सफाई कार्य कराना नियमों के अनुरूप है? यदि नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यही सवाल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. सीधी जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास से वायरल हुआ यह वीडियो कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
वीडियो की सत्यता और इसमें दिख रहे घटनाक्रम की जांच प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है. यदि जांच में यह साबित होता है कि छात्राओं से टॉयलेट टैंक की सफाई कराई गई और उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है.
प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन, जनजातीय कार्य विभाग और संबंधित अधिकारी इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराते हैं या नहीं. आखिर जिन मासूम बच्चियों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी व्यवस्था पर है, क्या उनसे इस तरह का कार्य कराया जाना उचित है? यह सवाल आज पूरा सीधी जिला पूछ रहा है.
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