मुर्रा भैंस खरीदने पर सरकार देगी 75% सब्सिडी, जानें योजना में कैसे करें आवेदन
मुर्रा भैंस
Murrah Buffalo Subsidy Scheme Details: मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के नागरिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है, जिनका सीधा लाभ पात्र लाभार्थियों को मिल रहा है. सरकार हर वर्ग और हर सेक्टर के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रही है. इसी कड़ी में प्रदेश के पशुपालन विभाग की तरफ से एक और किफायती योजना की शुरुआत की गई है. यह योजना खासकर प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है. बता दें कि पशुपालन विभाग ने ‘मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना’ की शुरुआत की है. इस योजना के तहत मुर्रा भैंस खरीदने पर सरकार की तरफ से 70 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी.
सरकार का मुख्य मकसद प्रदेश में मिल्क प्रोडक्शन को बढ़ावा देना और राज्य में लगातार कम हो रही मुर्रा भैंस की नस्ल को बचाना है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार,मध्य प्रदेश में लगातार मुर्रा भैंसों की संख्या में कमी देखने को मिल रही है. इन नस्ल को बढ़ावा देने के लिए ही प्रदेश के पशुपालन विभाग ने यह कदम उठाया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आप मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का लाभ कैसे ले सकते हैं और इसके लिए कौन पात्र है.
इस योजना से क्या लाभ होगा?
- जनरल कैटेगरी के लोगों को योजना का आधा खर्च (50%) खुद देना होगा और बाकी का आधा खर्च (50%) सरकार देगी.
- SC और ST वर्ग के किसानों को योजना का सिर्फ एक चौथाई खर्च (25%) देना होगा और बाकी का 75% खर्च सरकार सब्सिडी के रूप में देगी.
- इस योजना के तहत किसानों को अच्छी नस्ल की 2 मुर्रा भैंसें दी जाएंगी.
- मिलने वाली हर भैंस रोजाना 8 से 10 लीटर तक दूध देने वाली होगी.
- किसानों को 5 महीने या उससे अधिक की गर्भवती भैंसें दी जाएंगी ताकि उनके घर आते ही तुरंत दूध का उत्पादन और कमाई शुरू हो सके.
योजना का लाभ लेने के लिए कौन पात्र है?
- आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए.
- आवेदक सीहोर, विदिशा या रायसेन जिले का रहने वाला होना चाहिए.
- आवेदक का पशुपालक होना जरूरी है.
- आवेदक General, SC या ST वर्ग का होना चाहिए.
- आवेदक के पास दो दुधारू पशुओं को रखने के लिए शेड होना चाहिए.
- पशुओं के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए.
कैसे करें अप्लाई?
- सीहोर, विदिशा या रायसेन के सरकारी पशु चिकित्सालय (Veterinary Hospital) जाकर वहां के कर्मचारी से आवेदन फॉर्म लें.
- फॉर्म में मांगी गई सभी जरूरी जानकारियां भरें और अपने जरूरी Documents की फोटोकॉपी साथ में जोड़ें.
पूरी तरह भरे और साइन किए हुए इस फॉर्म को उसी पशु चिकित्सालय या कार्यालय में जमा कर दें.
फॉर्म जमा करने के बाद वहां के अधिकारी से तारीख, समय और नंबर लिखी हुई रसीद जरूर लें.
इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
- पहचान पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- बैंक खाते की जानकारी
- जमीन या पशु स्वामित्व का सबूत