90 डिग्री ब्रिज को मिल रहा नया आकार, 3 लाख लोगों को होगा फायदा, अजीबो-गरीब डिजाइन के बाद हुआ वायरल

Bhopal News: केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्‍थान ने जो संशोधित डिजाइन बनाई है उसके अनुसार ही इस ओवरब्रिज को मोड़ा गया है और वाहन चलने वाले हिस्‍सों को चौड़ा करने का काम शुरू कर दिया है.
90-degree overbridge

90 डिग्री ओवरब्रिज

Bhopal News: राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके का चर्चित 90 डिग्री रेलवे ओवरब्रिज अब सुधार के बाद लोगों के लिए शुरू होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्‍थान ने जो संशोधित डिजाइन बनाई है उसके अनुसार ही इस ओवरब्रिज को मोड़ा गया है और वाहन चलने वाले हिस्‍सों को चौड़ा करने का काम शुरू कर दिया है. ओवरब्रिज को करीब एक करोड़ रुपये की लागत के साथ सुधारा जा रहा है, जिसको पूरा करने का लक्ष्‍य दिसंबर तक रखा है.

ओवरब्रिज से इन इलाकों को मिलेगा फायदा

ब्रिज शुरू होने से ऐशबाग, महामाई का बाग, पुष्‍पा नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका सबसे बड़ा फायदा होगा. रेलवे लाइन के कारण जिन भी रास्‍तों पर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, वहां से सीधा संपर्क होगा. आसपास की करीब डेढ़ लाख आबादी को इसका सीधा लाभ मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है.

3 लाख से ज्यादा लोगों की होगी आवाजाही

ओवरब्रिज के निर्माण के बाद इससे करीब 3 लाख से ज्यादा लोगों को रोजना आवाजाही को राहत मिलने का दवा सरकारी स्‍तर पर किया जा रहा है. यह संख्‍या केवल लाभार्थियों की नहीं है, बल्कि ये संख्‍या संभावित दैनिक आवागमन से जुड़ा अनुमान है. ब्रिज शुरू होने पर पुराने भोपाल और नए शहर के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद जताई जा रही है.

ओवरब्रिज शुरू होने से वाहन चालकों को रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन के गुजरने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इस ब्रिज से यात्र‍ियों का समय भी बचेगा और ऐशबाग इलाके का यातायात भी सुधारेगा साथ ही इलाके में भीड़ का दबाव भी कम होने की उम्मीद है.

सभी सुरक्षा लाइनों का ध्‍यान रखा जा रहा

इस ओवर ब्रिज की सबसे बड़ी समस्‍या उसका 90 डिग्री वाला तीखा मोड़ है. अब केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्‍थान के संशोधित डिजाइन में इनर और आउटर रेडियस को 2 से 2.5 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है. मोड़ को प्रवेश और निकास वाले हिस्‍से में कैरिजवे भी करीब 3 से 3.5 फीट चौड़ा किया जाएगा.

इसके साथ ही अतिरिक्त स्‍लैब का भार भी संभालने के लिए नया पियर, लंबा पियर कैप और 1200 मिलीमीटर व्‍यास की पाइल फाउंडेशन बनाई जाएगी. केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्‍थान द्वारा रेलवे ट्रैक और बिजली की ऊपरी लाइन की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए काम किया जा रहा है.

दिसंबर तक होगा पूरा काम

इस मोड़ को सुधारने के लिए रेलवे और लोक निर्माण विभाग के बीच करीब 10 महीनों तक बैठकें चली हैं. केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्‍थान ने ओवरब्रिज के लिए नई डिजाइन पर सह‍मति बना दी है और ब्रिज का काम शुरू हो गया है. निर्माण एजेंसी को सुधार की जिम्मेदारी देने के साथ ही दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्‍य दिया है.

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