नेपाल में आई तबाही के पीछे की क्‍या है वजह? 10 साल पहले कश्‍मीर में भी मचा था ऐसा ही हाहाकार

Nepal Flood Reason: नेपाल में इस समय बाढ़ के कारण हाहाकार मचा हुआ है. हजारों की संख्‍या में लोग लापता है, जिनमें कई भारतीय भी शामिल हैं. ऐसे में जानते हैं इस तरह की बाढ़ की कुछ वजहें क्‍या हो सकती हैं.
nepal Glacial lake

नेपाल ग्लेशियल लेक

Nepal Flood: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में इस समय कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है. ग्लेशियर झील फटने की वजह से नेपाल और चीन के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ आ गई. घटना इतने कम समय में हुई कि लोगों को अपना बचाव करने तक का समय नहीं मिला.आपके मन में अब एक ही सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इस तरह की तबाही अचानक कैसे आ गई? क्या मौसम विभाग या फिर पर्यावरण के जानकारों को इस तरह की जानकारी पहले से नहीं थी? तो इसका जवाब हम आपको आसान भाषा में दे रहे हैं.

12 साल पहले कश्मीर में भी इसी तरह का मंजर देखने को मिला था. जब सितंबर 2014 में बार‍िश ने तबाही मचाई थी, उस समय सैकड़ों की संख्या में लोग मारे गए थे. ठीक उसी तरह का हाहाकार नेपाल और चीन में इस समय मचा हुआ है.

चीन के तिब्बत से आई बाढ़ नेपाल में हाहाकार की असली वजह बनी है. सबसे ज्यादा तबाही रसुवा जिले में देखने को मिली है. यहां भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके में कई घरों को नुकसान पहुंचा है.

क्‍या हैं इस तरह के ग्लेशियर फटने की वजह?

अचानक पानी का लेवल बढ़ना– इस तरह के ग्लेशियर फटने के पीछे की सबसे बड़ी वजह अचानक जलस्तर बढ़ने को माना जाता है. पानी बढ़ने के कारण बांध पर दबाव पड़ता है, जिसका सीधा असर नि‍चने क्षेत्रों पर देखने को मिलता है.

चट्टान का गिरना- किसी बड़े पहाड़ या फिर ग्लेशियर का तेज लहर से टकराना भी ग्लेशियर फटने की वजह हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो प्राकृतिक बांध टूट सकते हैं, जिसका पानी उन इलाकों तक बहुत तेजी से पहुंचता है, जो सबसे पास होते हैं.

भूस्खलन- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन सबसे बड़ी समस्या है. आए द‍िन इस तरह की घटनाओं से लोग अपनी जान गंवाते हैं. अगर बड़े लेवल का भूस्खलन होता है तो झील का पानी अचानक उफन जाता है, जो तबाही की वजह बन सकता है.

इसके अलावा भी कई कारण होते हैं, जिनकी वजहों के कारण ग्लेशियर फट सकता है. बहरहाल नेपाल में आई तबाही ने हर किसी को हैरान कर द‍िया है. भारत से लेकर चीन तक अलर्ट जारी किया गया है.   

हजारों लोग लापता, नहीं मिल रहा कोई सुराग

नेपाली मीडिया रिपोर्ट की मानें तो हजारों लोग लापता हैं. जि‍नमें बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं. राहत और बचाव अभियान में 14 हेलिकॉप्टर लगाए गए हैं. नेपाल के पीएम बालेन शाह ने भारत से मदद मांगी है, अच्छे पड़ोसी का धर्म निभाते हुए भारत ने भी तुरंत मदद भेजना शुरू कर दी है.

भोटेकोशी इलाके में पिछले साल भी ऐसी ही बड़ी बाढ़ आई थी. उस घटना में 9 लोगों की मौत और 18 लोग लापता हुए थे. साल 2024 में भी इसी तरह की घटना में 241 लोगों की मौत हुई थी. उस समय के तत्‍कालीन पीएम के पी ओली ने बताया था कि बाढ़ के कारण 4 हजार लोगों का रेस्‍क्‍यू किया गया है.

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