Jhiram Ghati Attack: झीरम घाटी कांड में सभी 10 नक्सली दोषी, 13 साल बाद आया फैसला, 31 लोगों की गई थी जान
झीरम घाटी नक्सली हमला
Jhiram Ghati Attack: झीरम घाटी नक्सली हमले मामले में आज यानी 5 सितंबर को एनआईए कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. इस केस में 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई चली थी, जिसमें से कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को गुनहगार माना है वहीं 1 आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है. इस केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेज पेश किए थे. इस मामले में 10 अगस्त को अंतिम बहस हुई थी. ये फैसला जगदलपुर NIA कोर्ट ने सुनाया है.
इस मामले में 10 अगस्त को अंतिम बहस हुई थी. बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया था. सालों से पीड़ित परिवारों समेत पूरे प्रदेश की नजर इस हत्याकांड के फैसले पर टिकी हुई थी.
कोर्ट ने इन 10 नक्सलियों को दोषी करार दिया
1 – प्रमिला मोड़ियाम
2- चैतु लेकाम उर्फ मुन्ना
3 – सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोड़ियाम
4- मुक्का मंडावी
5- कोसा कवासी उर्फ कोसाराम
6- आयता मरकाम
7- मड़कामी देवा
8- जोगा मड़कामी
9- बंजामी सन्ना उर्फ चमरू उर्फ देंगा
10 महादेव नाग
कांग्रेस कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं
हालांकि कांग्रेस पार्टी के कई नेता NIA कोर्ट के इस फैसले ने संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं. मलकीत सिंह गेंदू प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) का कहना है कि एनआईए की जांच ठीक से नहीं हुई. अभी भी इस मामले में कई आरोपी बाहर हैं, जिनसे न तो पूछताछ की गई और न ही उनपर कोई मुकदमा दर्ज किया गया.
फैसले के बाद बचाव पक्ष के वकील ने क्या कहा?
बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने कहा कि इसमें सभी अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किया गया है और दोषी सिद्ध करने के बाद सजा 16 तारीख को तय होगी. वकील ने कहा कि हम इस मामले में उच्च न्यायालय में अपील करेंगे. अभी हमने निर्णय को पूरा पढ़ा नहीं है, निर्णय की कॉपी भी नहीं मिली है. अभी किस आधार पर क्या हुआ है, वह बता पाना मुश्किल होगा.
पूर्व CM भूपेश बघेल ने जांच पर उठाया था सवाल
इतना ही नहीं बीते दिनों कांकेर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनआईए की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मामले की जांच सही तरीके से नहीं की गई. उन्होंने कहा कि एनआईए ने दरभा थाने में दर्ज FIR में नामजद लोगों से पूछताछ नहीं की.
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कब हुआ था झीरम घाटी हत्याकांड
झीरम घाटी छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में स्थिति है. यहां पर नक्सलियों ने साल 2013 में एक बड़े हत्याकांड को अंजाम दिया था. ये देश का सबसे बड़ा हत्याकांड था जिसमें एकसाथ करीब 31 कांग्रेस के नेता मारे गए थे. उस दौरान ये घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी.
दरअसल 2013 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बीजेपी सरकार के खिलाफ परिर्तन रैली शुरू की थी. 25 मई को सुकमा में परिवर्तन रैली की गई. रैली के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था. इस दौरान नक्सलियों ने झीरम घाटी में नेताओं के काफिले पर हमला कर दिया था.
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