Bastar Weather Alert: विभाग का कहना है कि 25 अक्टूबर से आसमान में बादल घिरेंगे और 29 अक्टूबर तक रुक-रुक कर तेज बारिश होगी. हवा की रफ्तार भी सामान्य से ज्यादा रहेगी, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को खतरा है.
दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत अन्य नेताओं के साथ बस्तर दशहरा के पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल होने जगदलपुर गई थीं. इस दौरान वे सिरहासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार में शामिल हुई और मांझी-चालकियों से बातचीत की. बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ने कई विषयों पर चर्चा की.
President Droupadi Murmu Bastar Dussehra: पिछले साल इस दरबार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे, और इस बार राष्ट्रपति की मौजूदगी इसे और भी ऐतिहासिक बना रही है.
CG News: विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा में भीतर रैनी की रस्म शुरू होने से पहले एक दर्दनाक हादसा हो गया. आठ चक्कों वाले विजय रथ के पहिए के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई.
प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है. वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और निर्देशों के अनुरूप, इस वर्ष पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में नया सफारी सत्र निर्धारित समय से 12 दिन पूर्व ही शुरू कर दिया गया है.
Bastar Dussehra: परंपरा के अनुसार, शारदीय नवरात्र की पंचमी तिथि को बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव अपने परिजनों के साथ मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे थे. यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता को जगदलपुर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया
Jagdalpur Bastar Dussehra: हादसे में सीएसईबी विभाग की लापरवाही भी सामने आई है. रथ परिक्रमा के दौरान इलाके में सीएसईबी विभाग ने ब्लैकआउट नहीं किया था, जिसके चलते बिजली के तार में करंट दौड़ रहा था. यदि पोल गिरने के बाद तार किसी व्यक्ति के संपर्क में आ जाता, तो जानलेवा हादसा हो सकता था.
CG News: बस्तर दशहरे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे का मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम जारी हो गया है. इस दौरान वे रायपुर और जगदलपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी.
CG News: बस्तर के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से जारी धर्म परिवर्तन और सदियों पुरानी रूढ़िगत आदिवासी परंपराओं के बीच बढ़ते टकराव के बाद अब ग्राम सभाओं ने सीधे मोर्चा संभाल लिया है.
रायपुर. बस्तर की पारंपरिक ढोकरा (बेलमेटल) शिल्पकला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखण्ड के ग्राम बरकई निवासी शिल्पकार बानू राम बैद का चयन वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित शिल्प गुरु अवार्ड के लिए किया गया है.