‘सागर पुलिस भ्रामक सूचना फैला रही’, आबकारी विभाग ने कहा – ललितपुर में नहीं बन रही अवैध शराब
आबकारी विभाग ने ललितपुर कनेक्शन से किया इनकार
Sagar Poisonous Liquor Case: सागर में जहरीली शराब पीने से मरने वालों का आंकड़ा 13 पहुंच गया है. इस मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है. अब ललितपुर आबकारी विभाग ने सागर पुलिस के उस दावे का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि इस हादसे में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से कनेक्शन है.
‘सागर पुलिस भ्रामक तथ्य फैला रही है’
ललितपुर जिला आबकारी की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर इस पूरे मामले में ललितपुर कनेक्शन को नकार दिया है. इसमें लिखा है कि मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से कई लोगो की मौत हो गई. इस संबंध में सागर पुलिस द्वारा मीडिया में यह भ्रामक तथ्य दिया जा रहा है कि इस घटना का कनेक्शन ललितपुर से है. इस बारे में साफ किया जाता है कि ललितपुर पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से 4 मई 2026 को एक गैंग जिसका मुख्या सरगना रवि लखैरा (छतरपुर) और चन्द्रेश लोधी (सागर) सहित 05 अन्य अभियुक्तगण को ललितपुर पुलिस द्वारा अवैध शराब निर्माण की संलिप्तता में गिरफ्तार किया गया था. दोनों आरोपियों को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है. इन सभी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है.

रवि लखेरा के एमपी में शराब के कई ठेकों के लाइन्सेस और कई थाना क्षेत्रों में कई मामले दर्ज हैं. इसके साथ ही सागर पुलिस द्वारा जारी आरोपियों की सूची में दर्ज नाम आकाश राय जिसे मड़ावरा निवासी दिखाया गया है. वह भी पिछले 10 वर्षों से बण्डा जिला सागर में रह रहा है.
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‘स्प्रिट और केमिकल से शराब नहीं बनती’
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया कि ललितपुर में कहीं भी स्प्रिट, केमिकल आदि से अवैध शराब का निर्माण नहीं किया जा रहा है. सागर पुलिस की जांच में ललितपुर से संबंधित कोई तथ्य प्रकाश में आया है तो उसे ललितपुर पुलिस के साथ भी शेयर करना चाहिए. आबकारी और ललितपुर पुलिस विभाग द्वारा अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री के खिलाफ लगातार एक्शन लिया जा रहा है.