7 साल पुराने नक्सल मामले में आरोपी को उम्रकैद, DSP अमर सिदार की विवेचना बनी मिसाल

भानुप्रतापपुर. छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर से एक बेहद अहम और बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है. करीब सात साल पुराने नक्सल प्रकरण में विशेष सत्र न्यायालय (एनआईए) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पीतलराम आंवला उर्फ सालिक राम को दोषी करार दिया है और उसे आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है.

भानुप्रतापपुर. छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर से एक बेहद अहम और बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है. करीब सात साल पुराने नक्सल प्रकरण में विशेष सत्र न्यायालय (एनआईए) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पीतलराम आंवला उर्फ सालिक राम को दोषी करार दिया है और उसे आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है.

पुलिस विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा विवेचना किए गए नक्सल मामलों में यह अपने आप में पहला ऐसा प्रकरण है जिसमें किसी नक्सली आरोपी को आजीवन कारावास की सजा हुई है.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह पूरी घटना 26 अगस्त 2019 की है, जो कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है. इस घटना के संबंध में 27 अगस्त 2019 को थाने में FIR दर्ज की गई थी. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ हत्या, भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं, आर्म्स एक्ट और यूएपीए (UAPA) के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था. आरोप के मुताबिक, घटना 26 अगस्त 2019 को शाम 5 बजे उत्तर बस्तर कांकेर जिले के थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्रांतर्गत ग्राम जुगड़ा के जंगल में घटित हुई. आरोपीगणों ने 05 या उससे अधिक लोगों का विधि विरुद्ध जमाव (भीड़) तैयार किया. इसके बाद मृतक श्यामनाथ आंचला को उनके घर ग्राम जुगड़ा से यह जानते हुए अपहरण कर अन्यत्र ले जाया गया कि उसकी हत्या की जा सकती है या उसकी जान को खतरा है.

इसके पश्चात विधि विरुद्ध जमाव के सामान्य उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए आरोपियों ने घातक हथियारों और आग्नेय शस्त्रों का प्रयोग कर गोली मारकर मृतक श्यामनाथ आंचला की निर्मम हत्या कर दी. इस पूरी वारदात के दौरान आरोपी प्रतिबंधित सीपीआई माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य के रूप में संलिप्त पाए गए.

DSP अमर सिदार की अहम भूमिका

इस सनसनीखेज मामले में अनुसंधान और कानूनी शिकंजा कसने में पुलिस अधिकारी DSP अमर सिदार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही. उन्होंने ही मामले की बारीकी से विवेचना करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की थी. आरोपी पीतलराम आंवला उर्फ सालिक राम को 20 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था. जानकारी के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी के बाद से लगभग तीन वर्ष तीन माह से अधिक समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रहा. DSP अमर सिदार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच के दौरान पुख्ता साक्ष्य जुटाए और समय पर मजबूत आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया.

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