Mutual Fund SIP low Returns: SIP से रिटर्न कम तो ये 5 चीजें जरूर करें
इकॉनमी की अनिश्चितता, कंपनियों की कमाई और दूसरी कई वजहों का असर शेयर बाजार के रिटर्न पर पड़ता है.
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प्रतीक चौहान
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Last Updated: Sep 30, 2026 05:47 PM IST
इकॉनमी की अनिश्चितता, कंपनियों की कमाई और दूसरी कई वजहों का असर शेयर बाजार के रिटर्न पर पड़ता है.
इसका मतलब है कि अगर आपने बाजार में पैसा लगाया है, तो हो सकता है आपका पोर्टफोलियो उम्मीद के मुताबिक परफॉर्म न कर रहा हो.
इसलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि अपने पोर्टफोलियो का समय समय पर रिव्यू करते रहें, ताकि पता चले कि रिटर्न आपकी उम्मीदों से मैच कर रहे हैं या नहीं.
अगर आपने म्यूचुअल फंड में निवेश किया है और वो तीन साल से अच्छा नहीं चल रहा, तो सवाल आ सकता है कि SIP जारी रखें या नहीं. लेकिन तुरंत SIP बंद न करें.
फंड का बेंचमार्क चेक करें: फंड के रिटर्न को अकेले न देखें. यह भी देखें कि उसी दौरान उसके बेंचमार्क (यानी कंपेयर करने का पैरामीटर, जैसे निफ्टी 50) ने कैसा प्रदर्शन किया. अगर बेंचमार्क का रिटर्न भी कमजोर रहा, तो दिक्कत पूरे बाजार या कैटेगरी में हो सकती है.
अपना असली लक्ष्य दोबारा देखें: चेक करें कि यह निवेश अब भी आपके गोल, निवेश की अवधि और रिस्क उठाने की क्षमता से मेल खाता है या नहीं.
कमजोर परफॉर्मेंस की वजह जानें: देखें कि फंड ने अपनी स्ट्रैटेजी, फंड मैनेजर, पोर्टफोलियो या रिस्क लेवल में कोई बदलाव तो नहीं किया.
पूरे पोर्टफोलियो को देखें एक फंड का खराब चलना यह नहीं बताता कि आपका पूरा पोर्टफोलियो बदलना पड़ेगा. देखें कि इस फंड का आपके कुल रिटर्न पर कितना असर पड़ा है, फिर उसी हिसाब से फैसला लें.
थोड़े समय की घबराहट में फैसला न लें. बाजार में उतार-चढ़ाव का साइकल चलता रहता है. कई बार लंबे समय तक अनिश्चितता का दौर भी रहता है. अगर आपका निवेश लंबे समय के लिए है, तो थोड़े कमजोर दौर के बाद SIP रोकना आपके पोर्टफोलियो को नुकसान पहुंचा सकता है.