प्लेन के कॉकपिट में क्यों रखी जाती है कुल्हाड़ी? इसी से भारतीय पायलट स्मित मछार पर हुआ था हमाला

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में सवार 174 लोगों की जान बचाने के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार लगातार चर्चा में हैं. उन पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था लेकिन सवाल ये है, कि कॉकपिट में आखिर कुल्हाड़ी कहाँ से आई?
Axe hanging over the pilot

पायलट पर कुल्हाड़ी

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में सवार 174 लोगों की जान बचाने के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार लगातार चर्चा में हैं. इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्तिम मछार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बताया कि फ्लाईदुबई के पायलट पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था, जिसके बाद विमान को हाईजैक और क्रैश करने की कोशिश हुई. हालांकि यह कोशिश नाकाम रही और विमान की सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग हो गई. नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मछार की भी तारीफ की है, जो कुल्हाड़ी से हमले में घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में कामयाब रहे.

विमान के कॉकपिट में कुल्हाड़ी कैसे आई?

अब यहां पर सभी के मन में एक सवाल आ रहा है कि आखिर विमान के कॉकपिट में कुल्हाड़ी कैसे आई. कई लोग सोच रहे हैं कि विमान के कॉकपिट में कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार का क्या काम है. क्या यह वहाँ पर किसी साजिश के तहत पहुंचाई गई या फिर कुल्हाड़ी कॉकपिट में पहले से मौजूद थी. आपको बता दें कि विमान के कॉकपिट में कुल्हाड़ी पहले से मौजूद थी और ये लगभग हर विमान के कॉकपिट में रखी जाती है.

अंतरराष्ट्रीय विमानन नियम

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों (Aviation Rules) के अनुसार, 19 से अधिक यात्रियों वाले हर कमर्शियल विमान के कॉकपिट में एक क्रैश एक्स (Crash Axe) रखना अनिवार्य है. यह एयरक्राफ्ट के इमरजेंसी इक्विपमेंट का हिस्सा होता है. क्रैश एक्स को इस तरह बनाया गया है कि यह क्रू को विमान के अंदर इमरजेंसी की स्थिति से निपटने में मदद कर सके.

क्रैश एक्स (Crash Axe) रखने के मुख्य कारण

1.यदि विमान दुर्घटनाग्रस्त (Crash) हो जाता है और कॉकपिट का मुख्य दरवाजा जाम हो जाता है, तो पायलट इस कुल्हाड़ी से खिड़की या पैनल तोड़कर बाहर निकल सकते हैं.

2.अगर कॉकपिट के इलेक्ट्रिकल पैनल या दीवार के पीछे शॉर्ट सर्किट से आग लग जाए, तो पायलट इस कुल्हाड़ी से पैनल को फाड़कर सीधे आग पर अग्निशामक (Fire Extinguisher) का इस्तेमाल कर सकते हैं.

3.इस कुल्हाड़ी का हैंडल रबर या इंसुलेटेड मटेरियल से बना होता है। आपातकाल में पायलट बिना करंट लगे इसके जरिए लाइव बिजली के तारों को काट सकते हैं

4.यह आम कुल्हाड़ियों जैसी भारी नहीं होती, बल्कि बहुत हल्की और नुकीली होती है जो एल्युमिनियम और एयरक्राफ्ट के फ्यूजलाज (Fuselage) को आसानी से चीर सकती है.

5.यानी कि विमान के कॉकपिट (Cockpit) में कुल्हाड़ी रखना कोई सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि एक अनिवार्य अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियम है.

ये भी पढ़ें:‘1 भारतीय ने बचाई 9/11 जैसी तबाही…’, स्मित मछार की PM मोदी और नेतन्याहू ने की जमकर तारीफ

ज़रूर पढ़ें