कर्नाटक: वोटर लिस्ट विवाद में BJP नेता पर FIR, 198 मुस्लिमों के नाम हटाने का आरोप
फाइल इमेज
Karnataka Voter List Dispute: कर्नाटक में वोटर लिस्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. बेलगावी में पुलिस ने बीजेपी नेता रवि पाटिल समेत 20-25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फॉर्म-7 के जरिए 198 अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की गई. पुलिस के मुताबिक मामले की जांच जारी है.
शिकायतकर्ता का कहना है कि इन दस्तावेजों को असली बताकर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के सामने पेश किया गया. इतना ही नहीं, एक व्यक्ति पर कथित तौर पर दबाव बनाने और फोन पर खुद को चुनाव अधिकारी बताकर साइन हासिल करने का भी आरोप लगाया है.
पुलिस ने किया मामला दर्ज
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मौजूदा मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है. इस मामले में आरोप है कि फॉर्म में गलत जानकारी और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर 198 मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कराने की कोशिश हुई. पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और सार्वजनिक शांति से जुड़े भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है.
SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल
यह मामला कर्नाटक में चल रहे SIR विवाद के बीच सामने आया है. राज्य के अलग-अलग इलाकों में फॉर्म-7 के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल को लेकर शिकायतें मिली हैं. बिदर में 3244 मतदाताओं के नाम हटाने के कथित प्रयास को लेकर भी FIR दर्ज हुई है. जबकि मैसूरु में भी मुस्लिम मतदाताओं और उनके परिवारों के नाम हटाने के आरोप सामने आए हैं.
चुनाव आयोग का बयान आया सामने
विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को फर्जी या गलत दावों की जांच कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि वास्तविक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटने नहीं दिए जाएंगे.जानबूझकर गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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