Shardiya Navratri 2026: मां दुर्गा की पूजा में भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, जानें क्या चढ़ाना है अशुभ

Shardiya Navratri 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा करते समय कुछ बातों की ध्यान रखना जरूरी होता है. माना जाता है कि मां दुर्गा की पूजा में कुछ चीजें चढ़ाने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं ऐसी 4 चीजों के बारे में, जिन्हें नवरात्रि में माता की पूजा के दौरान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
Shardiya Navratri 2026

शारदीय नवरात्रि में इन चीजों का रखें ध्यान

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की पूजा और भक्ति के लिए खास माना जाता है. इन नौ दिनों में भक्त माता के नौ रूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और उन्हें फूल, फल और मिठाई का भोग लगाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा करते समय कुछ बातों की ध्यान रखना जरूरी होता है. माना जाता है कि मां दुर्गा की पूजा में कुछ चीजें चढ़ाने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं ऐसी 4 चीजों के बारे में, जिन्हें नवरात्रि में माता की पूजा के दौरान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

तुलसी के पत्ते चढ़ाने से बचें

    हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र माना जाता है. भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी के पत्तों का खास महत्व है. लेकिन मान्यता है कि मां दुर्ग की पूजा में तुलसी दल नहीं चढ़ाना चाहिए. इसलिए पूजा की थाली लगाते समय इस बात का ध्यान रखें और परंपरा के अनुसार ही सामग्री चुनें.

    धतूरा और आक के फूल न चढ़ाएं

      धतूरा और आक यानी मदार के फूलों का इस्तेमाल मुख्य रूप से भगवान शिव की पूजा में होता है. मां दुर्गा की पूजा में इन फूलों को चढ़ाने का परंपरा नहीं है. नवरात्रि में माता को लाल गुड़हल और अन्य ताजे फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है. इसलिए फूल खरीदते समय उनकी ताजगी का ध्यान जरूर रखें.

      कनेर और केतकी के फूल वर्जित हैं

        धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा की पूजा में कनेर और केतकी के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए. पूजा के लिए हमेशा साफ और ताजे फूलों का ही इस्तेमाल करें. फूल अर्पित करते समय पूजा के नियमों और अपनी परंपरा का पालन करना भी जरूरी है.

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        बासी और खराब फल का भोग न लगाएं

          मां दुर्गा को हमेशा ताजे फलों का ही भोग लगाना चाहिए. कटे हुए, सड़े-गले या खराब फलों को पूजा में शामिल करने से बचें. भोग बनाने से पहले फलों को अच्छी तरह सादेख लें. पूजा में सामग्री की शुद्धता का विशेष महत्व होता है.

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