Bilaspur में शिक्षक भर्ती रद्द होने पर छात्रों का फूटा गुस्सा, कैंडल मार्च निकालकर किया प्रदर्शन

छात्रों का कहना है कि लगातार भर्तियों के रद्द होने से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं और भविष्य अंधकार में जा रहा है. छात्रों ने व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई और जमकर नारेबाजी की.
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बिलासपुर

Bilaspur Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ में युवा इस वक्त सरकार से नाराज चल रहे हैं. नाराजगी की वजह है सीजीपीएससी में शिक्षक और सहायक शिक्षक की भर्ती रद्द होना. इसी को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं. बीते दिन बिलासपुर जिले में अभ्यर्थियों ने कैंडल मार्च निकाला और ‘एक कचौड़ी दो समोसा इस सरकार पर क्या भरोसा’ के नारे लगाए.

छात्रों का क्या कहना है ?

भर्ती रुकने पर छात्रों का कहना है कि लगातार भर्तियों के रद्द होने से उनकी उम्मीदें टूट रही हैं और भविष्य अंधकार में जा रहा है. छात्रों ने व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई और जमकर नारेबाजी की. दरअसल, हाई कोर्ट ने शिक्षक भर्ती में विकलांग कोटे को तरजीह नहीं देने के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है. इस फैसले के बाद से ही हजारों अभ्यर्थियों में नाराजगी है। बिलासपुर के नेहरू चौक सहित कई जगहों पर छात्रों ने प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया

नाराज छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा. उनका कहना है कि सालों की मेहनत और परीक्षा के बाद भर्ती का रद्द होना युवाओं के साथ अन्याय है

मंत्री टंकराम वर्मा ने क्या कहा ?

इधर भर्ती परीक्षाओं में लगातार लग रही रोक पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन किया गया है.कभी-कभी प्रक्रियाओं के कारण थोड़ा विलंब हो जाता है. सरकार की मंशा है कि पदों पर भर्ती हो. मंत्री ने कहा कि कई बार कुछ लाइंस की परिभाषा क्लियर नहीं होती, जिसके कारण लेट हो जाता है. बिलासपुर में शिक्षकों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है.लगता है कि हमारे हिसाब से नहीं हुआ तो कोर्ट चले जाते हैं, कोर्ट का निर्णय सभी के लिए मान्य होता है.

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