जबलपुर: 150 परिवारों के भरण-पोषण का जरिया बना फूटाताल तालाब, हो रही अच्छी कमाई
फूटाताल तालाब, जबलपुर
जबलपुर शहर को तालाबों का शहर कहा जाता है इस शहर में कभी 52 तालाब हुआ करते थे लेकिन बदलते परिवेश और बढ़ती आबादी में कई तालाबों को खत्म कर दिया. लेकिन जबलपुर में आज भी दर्जनों ऐसे तालाब है जो शहर के बीचो-बीच बने हुए हैं, जहां पर्याप्त पानी है अब ऐसे ही तालाब शहर के लोगों को रोजगार दे रहे हैं और आय का एक बेहतर जरिया बन गए हैं.
सामूहिक प्रयासों से रोजगार के अवसर
सहकारिता और सामूहिक प्रयासों से रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में मछुआ मजदूर सहकारी समिति, फूटाताल एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है. जबलपुर नगर निगम क्षेत्र में स्थित फूटाताल जलाशय 150 मछुआ परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार बन गया है. समिति के माध्यम से ये परिवार संगठित होकर मत्स्य पालन कर रहे हैं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
मछुआ मजदूर सहकारी समिति फूटाताल का पंजीयन 11 मई 1988 को हुआ था. अध्यक्ष ओम हरि कश्यप के नेतृत्व में समिति तीन दशक से अधिक समय से मछुआ परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. समिति को 67 हेक्टेयर जलक्षेत्र वाला फूटाताल जलाशय वर्ष 2018 से 2028 तक 10 वर्षीय पट्टे पर आवंटित है. इससे सदस्यों को मत्स्य पालन की गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से संचालित करने का अवसर मिला है.
समय-समय पर जलाशय में मत्स्यबीज संचयन
समिति द्वारा समय-समय पर जलाशय में मत्स्यबीज संचयन किया जाता है, जिससे मछली उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है. समिति के सदस्य सप्ताह में तीन से पांच दिन मछली पकड़ने का कार्य करते हैं. इससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 1000 से 1200 रुपए का लाभ अर्जित होता है. इस आय से परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिल रही है.
मत्स्य विभाग के सहयोग से समिति के सभी सदस्यों का राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीयन कराया गया है. सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण सुविधा का लाभ मिल रहा है. इसके साथ ही सभी सदस्यों का दुर्घटना बीमा भी कराया गया है, जिससे जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान आर्थिक सुरक्षा मिल सके.
5 हजार रुपए की सहयोग राशि
समिति की एक महत्वपूर्ण पहल यह है कि किसी सदस्य की मृत्यु होने पर उसके परिवार को समिति की ओर से 5 हजार रुपए की सहयोग राशि दी जाती है. यह पहल सदस्यों के बीच आपसी सहयोग, संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती है. फूटाताल मछुआ मजदूर सहकारी समिति की सफलता बताती है कि संगठित प्रयास, सुनियोजित मत्स्य पालन और शासकीय योजनाओं का लाभ मिलकर ग्रामीण एवं शहरी मछुआ परिवारों की आजीविका को मजबूत बना सकते हैं. समिति रोजगार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और सामुदायिक सहयोग का भी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है.
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