‘जय श्री राम’ के नारों के साथ शुरू हुई दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा, अयोध्या तक पैदल जाएंगे

Digvijay Singh Satya Sanatan Yatra: यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी सहित शामिल हुए. कांग्रेस के कार्यकर्ता भी यात्रा में सेवा करते हुए चल रहे हैं. यात्रा के शुरू होने से पहले ही दिग्विजय सिंह की इस पहल को कई प्रमुख धर्मगुरुओं का समर्थन मिल चुका है.
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दिग्विजय सिंह

Digvijay Singh Satya Sanatan Yatra: विजयदशमी के अवसर पर शिवधाम उज्जैन से मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत हो गई है. महाकाल और जय श्री राम के उद्घोष के साथ यात्रा प्रारंभ हुई. सैकड़ों साधु संत समाज हाथों में सनातन धर्म का ध्वज लेकर चल रहे हैं. यात्रा में एक विशेष रथ भी शामिल है. इस रथ पर महादेव शिव और माता पार्वती की भव्य झांकी सजाई गई है.

पत्नी संग पदयात्रा कर रहे पूर्व सीएम

श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हुए झांकी के साथ चल रहे हैं. यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी सहित शामिल हुए.कांग्रेस के कार्यकर्ता भी यात्रा में सेवा करते हुए चल रहे हैं.यात्रा अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक पहुंचेगी. इस यात्रा का उद्देश्य धर्म के वास्तविक स्वरूप, मंदिरों की पवित्रता और धार्मिक स्थलों की मर्यादा से जुड़े मुद्दों पर लोगों को जागरूक करना बताया गया है.

स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मिला समर्थन

यात्रा के शुरू होने से पहले ही दिग्विजय सिंह की इस पहल को कई प्रमुख धर्मगुरुओं का समर्थन मिल चुका है. यात्रा पर स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने संदेश में कहा कि बाबा महाकाल के धाम से प्रभू श्रीराम के धाम तक प्रस्‍तावित इस पदयात्रा में सनातन धर्म और धर्म स्‍वाभिमान के जागरण का महत्वपूर्ण प्रयास है. स्‍वामी ने कहा कि धर्म के नाम पर हो रहे अधर्म के साथ ही देवस्‍थानों की पवित्रता और व्‍यवस्‍था में मौजूद खामियों के प्रति लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है.

क्यों निकाली जा रही यात्रा ?

‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल आदर्शों सत्य, न्याय, सदाचार, करुणा और स्वाभिमान के प्रति जनजागरण करना तथा धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के दान एवं चढ़ावे के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को जन-जन तक पहुंचाना है. यात्रा के दौरान विभिन्न नगरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों, धर्मावलंबियों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों से संवाद किया जाएगा. यात्रा के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, धार्मिक आस्था के सम्मान और सत्य एवं न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया जाएगा.

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