दिग्विजय सिंह की यात्रा पर NHRC का नोटिस, बच्चों से नारे लगवाने के आरोप में मांगा जवाब

Digvijay Singh Satya Sanatan Yatra: NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो की पीठ ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 12 के तहत कार्रवाई शुरू की है.
Digvijaya Singh Yatra (File photo)

दिग्विजय सिंह यात्रा (फाइल फोटो)

Digvijay Singh Satya Sanatan Yatra: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा एक बार फिर विवादों में घिर गई है. यात्रा में स्कूली बच्चों को शामिल करने और उनसे सियासी नारे लगवाने के आरोप लगे हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो की पीठ ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 12 के तहत कार्रवाई शुरू की है. आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और DGP को पत्र लिखकर दो हफ्ते के अंदर पूरी जांच रिपोर्ट मांगी है.

NHRC ने दिए आदेश

NHRC ने अपने आदेश में कहा है कि जांच में यह पता लगाया जाए कि क्या वाकई बच्चों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया गया? क्या उन्हें पैसे देकर बुलाया गया था? और क्या इसमें बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों का उल्लंघन हुआ है?

इतना ही नहीं, आयोग ने इस मामले में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव को भी नोटिस दिया है.मंत्रालय से कहा गया है कि बच्चों की पहचान वाले वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हुए और इस पर क्या एक्शन लिया गया, इसकी भी रिपोर्ट दी जाए.

विजयदशमी पर निकाली गई है

विजयदशमी के अवसर पर शिवधाम उज्जैन से मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत हो गई. महाकाल और जय श्री राम के उद्घोष के साथ यात्रा प्रारंभ हुई. सैकड़ों साधु संत समाज हाथों में सनातन धर्म का ध्वज लेकर चल रहे हैं. यात्रा में एक विशेष रथ भी शामिल है. इस रथ पर महादेव शिव और माता पार्वती की भव्य झांकी सजाई गई है.

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