8.86 करोड़ का पुल लेकिन चढ़ने का रास्ता नहीं! MP की दूधी नदी फ्लाईओवर से गायब है एप्रोच सड़क
करोड़ों का पुल लेकिन 3 साल बाद भी एप्रोच रोड नहीं
MP News: मध्य प्रदेश में बड़े अजीबो-गरीब मामले सामने आते हैं. कभी अधिकारी एक बैठक में हजारों रुपये के काजू-बदाम खा जाते हैं तो कहीं कहीं 20 लिटर पेंट की पुताई के लिए 275 मजदूर और 150 मिस्त्री लगा दिए जाते हैं. हालही में 374 नगरीय निकायों में करीब 1134 करोड़ रुपये की खरीदी में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. लेकिन अब जो मामला सामने आया है उसने सभी को हैरान कर दिया है.
मामला मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले का है, जहां दूधी नदी पर करीब 8 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से 308 मीटर लंबा एक पुला बनाकर तैयार किया गया. लेकिन इस पुल को सड़क से जोड़ने वाली लगभग एक किलोमीटर की एप्रोच रोड तीन साल बीत जाने के बाद भी अधूरी पड़ी है. इस पुल के निर्माण के बाद अब सवाल उठता है कि इसको बनाने में करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन लोगों को उस पर चलने के लिए कोई रास्ता अब तक क्यों नहीं दिया गया. इस अधूरे काम के लिए कौन जिम्मेदार है?
करोड़ों के पुल पर चलने के लिए रास्ता तक नहीं?
दरअसल पूरा मामला मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी क्षेत्र के उमरोध गांव का है. इस गांव में दूधी नदी पर बनने वाला पुल नर्मदापुरम और नरसिंहपुर जिले को जोड़ने के लिए बनाया गया है. इस पुल के बनने के बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि इसके निर्माण के बाद आसपास के गांवों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में बड़ी राहत मिलेगी. इस पुल के बनने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में भी आसानी होगी.
वहीं इसके निर्माण कार्य के बाद हकीकत कुछ और ही निकली. पुल तो तैयार हो गया लेकिन एप्रोच रोड का काम आज भी अधूरा पड़ा है. दोनों ओर सड़क नहीं बनने से ग्रामीण पुल तक पहुंचने में बड़ा संघर्ष कर रहे हैं. बारिश के दौरान कच्चे रास्तों में कीचड़ और दलदल हो जाता है. बारिश के बाद गढ्ढे हो जाते हैं. अब इस पुल के निर्माण पर सवाल खड़ा होता है कि क्या पुल के निर्माण के समय एप्रोच रोड तैयार करने का ट्रेंडर नहीं दिया गया था?
40 से 50 गांवों को मिलेगी राहत
इस पुल के बनने से नर्मदापुरम और नरसिंहपुर के बीच बने करीब 40 से 50 गांवों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. लेकिन 3 साल बीत जाने के बाद भी एप्रोच रोड अधूरा है, जिसके चलते ग्रामीणों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके पीछे की क्या वजह है, क्यों इसके निर्माण में देरी हो रही है इसका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है.
एप्रोच रोड को लेकर सेतु निर्माण विभाग के एसडीओ केशव रैदास ने कहा कि इसके निर्माण की जानकारी शासन को भेज दी गई है. शासन स्तर पर इसका फैसला लिया जाएगा और देखा जाएगा कि पुल की एप्रोच रोड का निर्माण किस विभाग से कराया जाएगा.
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