‘रिश्वत मांगना गलत, पर खुशी से मिले तो ले लेना चाहिए’, पकड़े जाने के बाद इंजीनियर साहब का शर्मनाक बयान
पन्ना जल संसाधन विभाग के ईई सीबी अहिरवार
Panna: ‘वैसे रिश्वत लेता तो गलत काम है लेकिन अगर कोई खुशी से देता है तो ले लेना चाहिए.’ ये किसी फिल्म का डायलोग नहीं बल्कि एक सरकारी अधिकारी का बयान है. ये कोई मामूली अधिकारी नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के जल संसाधन विभाग कार्यपालन यंत्री यानि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का बयान है. सागर लोकायुक्त की टीम ने उनके कार्यालय में छापा मारकर दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्होंने इस तरह का बयान दिया है.
ठेकेदार का अटका हुआ था पेमेंट
दरअसल मामले की शुरुआत मझगांय बांध की नहर निर्माण परियोजना से जुड़ी हुई है. इस नहर परियोजना का निर्माण कार्य मां वैष्णो कंस्ट्रक्शन के जरिए ग्वालियर के ठेकेदार गौरव तोमर करा रहे हैं. ठेकेदार का दावा है कि उनके करीब 55 लाख रुपये की बिल बन चुके थे . लेकिन 25 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ है. ठेकेदार ने आरोप लगाया कि चौथा बिल बकाया बिल पास कराने के लिए विभागीय कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है.
ठेकेदार ने लोकायुक्त से की थी शिकायत
इसकी शिकायत उन्होंने लोकायुक्त सागर में की थी. इसके बाद बीते दो दिनों पहले लोकायुक्त सागर की टीम ने 28 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए पन्ना जिले के जलसंसाधन विभाग के डिविजनल अकाउंटेंट दीपक परिहार को 15 हजार रुपये लेते पकड़ा. इसके अलावा लिपिक अरविंद पाठक को 30 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया गया. लोकायुक्त द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है.
ठेकेदार के अटके हुए बिल के बारे में जब कार्यपालन यंत्री सीबी अहिरवार से पूछा गया तो उन्होंने भुगतान में देरी की वजह फंड की कमी बताई. इसी दौरान उन्होंने मीडिया के सामने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि रिश्वत मांगना अपराध है, लेकिन कोई अपनी खुशी से कुछ दे दे तो वे ले लेते हैं. अब उनका यह जवाब चर्चा का विषय बना हुआ है.
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