Durg News: दुर्ग में 22वें दिन अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन जारी है. वेतन वृद्धि और स्थायी कर्मचारी के दर्जे की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय के बाद प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो उन्हें बलपूर्वक हटाया जाएगा.
Durg Crime News: सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रार्थी दीपक कुमार की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की. जांच के दौरान आरोपी के एसबीआई, यस बैंक, केनरा बैंक और एचडीएफसी बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के संदिग्ध और अनधिकृत लेन-देन सामने आए.
Durg: दुर्ग के पुलगांव थाना क्षेत्र में 55 वर्षीय महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने चंद घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
Durg: दुर्ग के पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है, जहां कथित तौर पर नशीली दवा खाने से 8 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई.
Durg: दुर्ग पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम के तहत सुपेला थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने दो हेरोइन तस्करों को गिरफ्तार किया है.
Durg News: स्कूल की प्राचार्य नलिनी वर्मा ने बताया कि प्रतिबंधित दवा का सेवन 10वीं कक्षा के एक छात्र द्वारा कराया गया था. स्कूल के शिक्षकों को इसकी जानकारी नहीं थी. घटना की सूचना शासन-प्रशासन को दे दी गई है.
Durg News: ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर प्लांट बनाया जा रहा है. वह गांव की सामूहिक चारागाह भूमि है. उनका आरोप है कि प्लांट बनने के बाद पूरे शहर का कचरा गांव में लाया जाएगा, जिससे बदबू, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा होंगी
Durg News: भूपेश बघेल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया में पंडवानी की खुशबू फैलाने वाली अंतरराष्ट्रीय कलाकार थीं. उन्होंने कहा कि आज हजारों की संख्या में उनके श्रोता, शिष्य और पंडवानी से जुड़े कलाकार गनियारी पहुंचे हैं, जो उनके प्रति लोगों के सम्मान और प्रेम का प्रमाण है
Bhilai Nagar Nigam Action: नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सड़कों एवं फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नागरिकों की सुविधा और निर्बाध यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
Durg News: संघ का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें आज तक नियमितीकरण का लाभ नहीं मिला है. कई बार सरकार के समक्ष मांग रखने के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे हजारों अतिथि शिक्षकों और उनके परिवारों में निराशा है.