अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जब वह जेल में थे, तब उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने न सिर्फ घर, बल्कि पार्टी की बागडोर भी संभाली. केजरीवाल ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी टूटने से बची, तो इसका 90% श्रेय सुनीता को जाता है, क्योंकि उस समय उन्हें राजनीति का कोई खास अनुभव नहीं था.
अगर आपको यह जानना है कि आपके पास कौन-कौन से अस्पताल हैं जो इस योजना से जुड़े हुए हैं, तो आयुष्मान भारत योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
इस सम्मेलन में दिलीप जायसवाल ने और भी कई बातें कीं. उन्होंने बिहार में 2005 से पहले और आज के बिहार के हालात की तुलना करते हुए कहा, "तब लोग बिजली के बिना जीते थे, अब लोग नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की सरकार की वजह से रोशनी देख रहे हैं."
16 जनवरी की रात सैफ अली खान के मुंबई स्थित घर में एक व्यक्ति घुस आया और चोरी करने की कोशिश करते हुए सैफ पर चाकू से हमला कर दिया. हमलावर ने सैफ को कई बार चाकू मारा, जिससे एक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए. इस हमले के बाद पुलिस जांच में यह सामने आया कि हमलावर एक बांग्लादेशी नागरिक है.
सच्चाई ये है कि नक्सलवाद के खात्मे में समय नहीं लगेगा. कुछ इलाकों में नक्सलियों का प्रभाव अब भी गहरे तक फैला हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों ने पूरी ताकत झोंक दी है. निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है, और सेना के ऑपरेशन भी तेज़ हुए हैं.
यहां तक कि ऑक्सफैम ने यह भी बताया कि अगर लंदन के सतह को 50 पाउंड के नोटों से ढक दिया जाए तो यह रकम उन नोटों से चार गुना अधिक होगी! अब सोचिए, भारत से निकाले गए उस धन को अगर आज के समय में प्रयोग किया जाता तो देश की तस्वीर कितनी बदल जाती!
CG Local Body Elections: भाजपा का हाल भी कुछ खास अच्छा नहीं है. भाजपा के पास 14 नगरीय निकायों में से एक भी सीट नहीं है, और यह स्थिति पार्टी के लिए चिंता का विषय बन चुकी है. सत्ता में रहते हुए अगर भाजपा नगरी निकाय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई तो यह पार्टी के लिए बड़ी शर्मिंदगी का कारण बन सकता है.
दिल्ली की सड़कों पर रोज़ाना लाखों ऑटो ड्राइवर्स, सिर्फ सवारी नहीं ढोते, बल्कि राजनीतिक दिशा भी तय करते हैं. ये ड्राइवर्स न सिर्फ सवारी से चुनावी मुद्दों पर गपशप करते हैं, बल्कि उनके द्वारा जुटाया गया फीडबैक सीधे नेताओं तक पहुंचता है. अगर ये ऑटो ड्राइवर्स किसी पार्टी का समर्थन कर दें, तो उस पार्टी की जीत की रफ्तार तेज हो जाती है.
दिल्ली के पूर्वांचलियों की दिलचस्पी इस बार कुछ अलग है. पहले लोग सिर्फ वादों पर भरोसा कर लिया करते थे, लेकिन अब उनकी सोच में बदलाव आया है. उनका कहना है कि अब सिर्फ वादे नहीं, बल्कि उम्मीदवार की नीयत और काम करने की क्षमता को देखेंगे.
महाकुंभ मेला अधिकारी विजय किरन आनंद ने इसके लिए ADM प्रशासन और एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की टीम बनाई है. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आग गैस सिलेंडर में रिसाव के कारण लगी, इसके बाद धमाका हुआ.