39 दिनों में 5 बड़ी घटनाएं, आखिर क्यों? महज 39 दिनों में 5 ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें हेलीकॉप्टर या तो लैंडिंग के दौरान संतुलन खो बैठे, या रनवे से भटक गए या फिर यात्रियों को उतारने-चढ़ाने में बड़ी दिक्कतें आईं. कुछ मामलों में तो हेलीकॉप्टर में सवार लोगों की जान पर भी बन आई थी.
भारत के ईरान और इजरायल दोनों के साथ अच्छे व्यापारिक संबंध हैं. हम इजरायल को कई चीजें बेचते हैं और उनसे रक्षा उपकरण, ड्रोन जैसी तकनीक खरीदते हैं. वहीं, ईरान से तेल, सूखे मेवे जैसी चीजें आती हैं.
जब लाडली बहना मध्य प्रदेश में इतना कमाल कर सकती है और दूसरे राज्यों में भी इसका असर दिख रहा है, तो बिहार चुनाव में भी इसका असर दिखना तय है. बिहार में महिला वोटर्स की संख्या बढ़ रही है और वो बढ़-चढ़कर वोट भी दे रही हैं. ऐसे में, कोई भी पार्टी उन्हें हल्के में नहीं लेगी.
कहते हैं क्राइम की दुनिया में कोई अकेला नहीं रहता. दोस्ती टूटी तो नई पार्टनरशिप बनी. अब गोल्डी बराड़ ने अज़रबैजान के कुख्यात रोहित गोदारा के साथ हाथ मिला लिया है. वहीं, लॉरेंस बिश्नोई ने कनाडा के नोनी राणा (जो हरियाणा के काला राणा का छोटा भाई है) के साथ नई डील की है.
पिछले कुछ समय से बिहार, खासकर पटना में गोलीबारी की घटनाएं बढ़ी हैं. अकेले पटना में एक हफ्ते में छह लोग मारे गए. ऐसे में सरकार का ये कदम न सिर्फ चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए जरूरी है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी अहम है.
12 जून 2025 को इंग्लैंड में पोलो खेलते वक्त संजय की अचानक मौत ने सबको हिलाकर रख दिया. उनकी मृत्यु के बाद उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने में देरी हो रही है, क्योंकि वे अमेरिकी नागरिक थे.
चीन और ईरान का रिश्ता कोई नया नहीं है. दोनों देशों के बीच रणनीतिक और सैन्य सहयोग का लंबा इतिहास रहा है. चीन पहले ही साफ कर चुका है कि वो इस जंग में ईरान के साथ खड़ा है.
इजराइल के हमलों से बौखलाए ईरान ने तुरंत बड़ा कदम उठाया. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ऐलान किया कि अमेरिका के साथ चल रही परमाणु वार्ता को तत्काल रद्द किया जाता है. ये वार्ता पिछले एक महीने से चल रही थी, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने की कोशिश हो रही थी.
अब बात करते हैं काव्या के होने वाले दूल्हे, अनिरुद्ध रविचंदर की. अनिरुद्ध साउथ इंडियन सिनेमा के टॉप म्यूजिक कंपोजर में से एक हैं. याद है वो गाना “व्हाय दिस कोलावरी डी”? जी हां, ये अनिरुद्ध का ही कमाल था, जिसने रातों-रात उन्हें स्टार बना दिया.
मलिक की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं. 2013 में AAP में शामिल होने के बाद से ही वे जमीनी स्तर पर लोगों की आवाज उठाते रहे हैं. 2020 में वे कहरा से जिला विकास परिषद के सदस्य बने. 2022 में उन्होंने कहरा से डोडा तक एक विशाल रैली निकालकर अपनी ताकत दिखाई थी.