राकेश कुमार

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राकेश कुमार विस्तार न्यूज़ में वरिष्ठ उप संपादक सह संवाददाता के पद पर हैं. यहां वो डेटा स्टोरीज, एक्सप्लेनर के अलावा इन डेप्थ खबरों पर काम करते हैं. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स डिग्री हासिल कर चुके राकेश को रिसर्च में इंटरेस्ट है. इन्हें राजनीति के अलावा बिजनेस, मनोरंजन और लीगल न्यूज स्टोरीज पर काम करना पसंद है. काम के इतर बात करें, तो राकेश को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है. पूर्व में राकेश सहारा समय नेशनल न्यूज़ चैनल, फीवर FM, APN न्यूज़ और भारत एक्सप्रेस जैसे संस्थानों से जुड़े थे.

Maharashtra Hindi Controversy

मराठी अस्मिता पर वार या राष्ट्रीय एकता की कोशिश? इस बार शिक्षा नीति से निकला ‘सियासी भूत’, महाराष्ट्र में हिंदी अनिवार्य करने पर संग्राम!

मराठी अस्मिता महाराष्ट्र की राजनीति का हमेशा से केंद्र बिंदु रही है. 1950 के दशक में 'संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन' की लड़ाई से लेकर 1960 में महाराष्ट्र राज्य के गठन तक, भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए कई ऐतिहासिक संघर्ष हुए हैं. 1966 में बाल ठाकरे ने शिवसेना की स्थापना ही मराठी युवाओं को रोजगार और सम्मान दिलाने के मकसद से की थी.

Deepika padukone, Ms dhoni

धोनी और दीपिका ने लगाया भर-भर के पैसा, अब डूबने वाली है ये कंपनी!

ब्लूस्मार्ट के इन दोनों भाइयों ने अपनी दूसरी कंपनी जेनसोल इंजीनियरिंग के नाम पर लिया गया लोन कथित तौर पर गलत जगह खर्च किया. फ्लैट, गोल्फ किट्स, लग्जरी ट्रैवेल जैसी चीजों पर उड़ाए गए 262 करोड़ रुपये से ज्यादा का कोई हिसाब नहीं मिला.

Donald Trump, PM Modi

पहले राणा, अब पासिया…ऐसे ही नहीं देश के ‘बेलगाम’ दुश्मनों पर अमेरिका में लग रहा ‘लगाम’, समझिए भारत की कूटनीति

पन्नू जैसे खालिस्तानी समर्थक अमेरिका से भारत-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं. ट्रंप की नीति से अमेरिका में ऐसे संगठनों की फंडिंग, गतिविधियों और सुरक्षित ठिकानों पर नकेल पड़ सकती है. हैप्पी पासिया की गिरफ्तारी से खालिस्तानी नेटवर्क में डर का माहौल बन सकता है, क्योंकि अमेरिका अब ऐसे तत्वों को शरण देने से हिचक सकता है.

Aurangzeb Controversy

गाजियाबाद स्टेशन पर औरंगजेब की पेंटिंग समझकर बहादुर शाह जफर की तस्वीर पर पोती कालिख, हिंदू संगठन ने काटा बवाल!

विक्की कौशल की फिल्म छावा फरवरी 2025 में रिलीज हुई. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल तो मचाया ही, साथ में एक बड़ा विवाद भी खड़ा कर दिया. फिल्म में दिखाया गया है कि औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी महाराज को कैसे साजिश के तहत प्रताड़ित किया और उनकी हत्या करवाई. इस कहानी ने कई हिंदू संगठनों का खून खौला दिया.

Bihar Politics

JDU के इन ‘साइलेंट वोटरों’ पर कांग्रेस की नज़र, CM नीतीश की 20 साल पुरानी बादशाहत को लग सकता है बड़ा झटका!

अगर कांग्रेस अपने इस अभियान में कामयाब रही, तो नीतीश कुमार की 20 साल पुरानी बादशाहत को बड़ा झटका लग सकता है. बिहार की आधी आबादी यानी महिलाएं अगर कांग्रेस की ओर मुड़ीं, तो ये 2025 के विधानसभा चुनाव में गेम-चेंजर साबित हो सकता है.

JNUSU Election

JNU छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, टूट गया वामपंथी दलों का पुराना गठबंधन, समझिए ‘कैंपस पॉलिटिक्स’

JNU का छात्रसंघ चुनाव हमेशा से चर्चा में रहा है. यहां फीस वृद्धि, छात्रवृत्ति, हॉस्टल सुविधाओं जैसे मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय और वैश्विक मसले भी जोर-शोर से उठते हैं. SFI और AISA जैसे वामपंथी संगठनों का दबदबा रहा है, लेकिन ABVP हर बार कड़ी टक्कर देता है.

Bihar News

भारत में हुई मौत, नेपाल में जिंदा हुआ शख्स…किसी को भी हैरान कर सकती है बिहार की ये रहस्यमयी कहानी!

युवक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिवधारा-आजमनगर सड़क को जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया. मामला इतना गर्माया कि SSP जगुनाथ रेड्डी को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी. मब्बी थाने के थानेदार दीपक कुमार को निलंबित कर दिया गया.

Seelampur Murder

“ये मकान बिकाऊ है योगी जी…”, युवक की हत्या के बाद दिल्ली के सीलमपुर में डर का माहौल, हिंदू परिवारों ने किया पलायन का ऐलान!

पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुणाल की हत्या विशेष समुदाय के लोगों ने की, जिसमें साहिल नाम का शख्स शामिल था. उनका कहना है कि यह हमला पुरानी रंजिश से कहीं ज्यादा, सामुदायिक तनाव का नतीजा है.

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट या राष्ट्रपति… संविधान की ‘जंग’ में कौन है सुपरपावर?

भारत का संविधान ऐसा बना है कि कोई भी संस्था "सुपर बॉस” न बने. राष्ट्रपति, सरकार, संसद, और सुप्रीम कोर्ट—सबके पास अपनी-अपनी ताकत और सीमाएं हैं. तमिलनाडु केस में सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की रक्षा के लिए कदम उठाया, लेकिन कुछ लोग इसे 'ज्यादा दखल' मान रहे हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्लीवालों का ‘शराब प्रेम’, हर दिन गटकीं लाखों बोतलें! एक साल में सरकार ने की 7,766 करोड़ की कमाई

यह कमाई सिर्फ़ फरवरी 2025 तक के आंकड़ों पर आधारित है, यानी अंतिम आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है. दिल्ली सरकार के चार निगमों ने 700 से ज्यादा शराब की दुकानों से यह कमाल कर दिखाया.

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