CG News: बस्तर में एक ओर सैकड़ों पात्र हितग्राही समय पर सरकारी राशन नहीं मिलने से परेशान होकर कलेक्टोरेट के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर पीडीएस का चावल अवैध रूप से खरीदा और तस्करी कर दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जा रहा है.
Bastar News: डिप्टी सीएम ने कहा कि आज का बस्तर बदल रहा है. कभी नक्सलवाद की छाया से पहचाना जाने वाला बस्तर अब शांति, विकास, शिक्षा, पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक चेतना की नई पहचान बना रहा है. हमारे युवा देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था तक पहुंचकर इस सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देंगे.
CG News: बस्तर को मलेरिया मुक्त बनाने के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग तस्वीर दिखा रही है,,,मलेरिया मुक्त बस्तर के दावो की बस्तर में हवा निकल गई है.
Jagdalpur: जगदलपुर शहर के संजय बाजार से देर शाम एक चार वर्षीय बच्ची के अपहरण मामले में बस्तर पुलिस के होश उड़ गए और जैसे ही बच्ची के परिजनों ने कोतवाली पुलिस तक शिकायत दर्ज कराई उसके बाद ही तत्काल एक टीम का गठन कर सभी जगहों में तलाशी शुरू कर दी.
बांग्लादेश से अवैध रूप से आने वाले लोगों की सूचनाओं के बीच जगदलपुर पुलिस मुख्यालय ने आम जनता और मकान मालिकों दोनों की जिम्मेदारी तय कर दी है. अब किराएदारों का सत्यापन नहीं कराने पर मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.
Jagadalpur: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक अनोखी शादी देखने को मिली, जहां केंद्रीय जेल के परिसर में 376 के मामले में जेल में बंद आरोपी सुरेश सेठिया की उसकी प्रेमिका से जेल प्रशासन ने शादी करवाई.
Bastar Crime News: सूचना मिलते ही नगरनार पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है. पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश की जा रही है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे.
Jagdalpur: प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों को पक्का घर देने का दावा अब सवालों के घेरे में दिखाई दे रहा है. आइए जानते है क्या है पूरा मामला
Jagdalpur Neet Student Suicide: शहर के बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल खासपारा में रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती ने आत्महत्या कर ली. वह नीट की परीक्षा में पास नहीं हो पाई थी, उसने लगातार 3 बार नीट की परीक्षा दी थी.
Narayanpur News: 'स्कूल केइंता' अभियान के तहत घर-घर सर्वे कर ऐसे बच्चों की पहचान की गई जो कभी स्कूल नहीं गए या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके थे. इसी अभियान के तहत कोहकापार में पहली बार प्राथमिक शाला शुरू की गई.