ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के द्वारा चलाया जा रहा है. इसका मकसद दुर्लभ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चीजों और दस्तावेजों को ढूंढकर उन्हें संरक्षित करना है.
दुर्ग: कलेक्टर और एसपी कार्यालय के ठीक पीछे स्थित लोक सेवा केंद्र में शुक्रवार रात अज्ञात चोरों ने शुक्रवार रात को चोरी की वारदात को अंजाम दिया है.
केंद्र सरकार ने दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय डॉ. अंबेडकर चेयर (शोध पीठ) स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है.
Durg: दुर्ग जिले में दो भीषण सड़क हादसों में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई. दोनों ही मामलों में स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.
Durg News: एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पीड़ित हिमांशु देवांगन और उनके साथियों ने पद्मनाभपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार आरोपियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि ईएमआई पर सामान लेने से उनका सिबिल स्कोर बेहतर होगा.
Durg News: जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बकरीवाल के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने परिवहन विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की. बकरीवाल ने कहा कि लंबे समय से आम लोगों की शिकायतें मिल रही थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई वाहन चालकों के एक ही मामले में दो-दो बार चालान काटे जा रहे हैं
Rajnandgaon Villagers Build Own Road: बागढ़ चौकी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत खुर्सीटिकुल का आश्रित गांव दक्कोटोला ढाई दशक से एक पक्की सड़क के लिए तरस रहा है. आखिरकार, जब बार-बार के सरकारी आश्वासनों और प्रशासनिक फाइलों की धूल से ग्रामीणों का भरोसा उठ गया. अब वह खुद चंदा इक्कठा कर सड़क बना रहे हैं.
Durg News: जांच के दौरान पता चला कि आरोपी संगठित तरीके से लोगों को विश्वास दिलाते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और सिक्के मिले हैं. इसके बाद वे नकली धातु को असली सोना बताकर बाजार मूल्य से बेहद कम कीमत में बेचने का प्रस्ताव देते थे.
दुर्ग: दुर्ग जिला अस्पताल की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है. यहां पर एक युवती की खून की कमी से मौत हो गई जबकि जिस ग्रुप का खून उसको चाहिए था उसकी 85 यूनिट अस्पताल में मौजूद थी.
Kawardha Illegal Religious Conversion: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के तरेगांव थाना क्षेत्र के लालमाटी गांव में कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में आयोजित चंगाई सभा के माध्यम से कुछ लोगों द्वारा बैगा आदिवासी परिवारों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था.