Balod: बालोद जिले के डौंडी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 10वीं के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आइए जानते है क्या पूरा मामला.
Chhattisgarh Swine Flu: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का खतरा तेजी से फैल रहा है और इसका केंद्र रायपुर बना हुआ है. बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा मरीज राजधानी रायपुर में मिले हैं.
छत्तीसगढ़ में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आपको परिवहन विभाग के इस नए नियम का पालन करना होगा. विभाग ने ट्रॉफिक नियमों की जानकारी के लिए ये नियम लागू किया है.
जल संसाधन आकलन-2026 के अनुसार, अब प्रदेश का एक भी विकासखंड ऐसा नहीं है जो भूजल दोहन की क्रिटिकल कंडीशन में आता हो.
CG weather Forecast: बीते कुछ दिनों से छ्त्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां कम देखने को मिली है. लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एक्टिव होने से प्रदेश में जोरदार बारिश देखने को मिल सकती है.
Korba Hand Pump News: कोरबा का एक हैंडपंप इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. पिछले 15 दिनों से लगातार अपने आप पानी निकल रहा है. इसकी स्पष्ट वजह तकनीकी परीक्षण के बाद सामने आ सकेगी.
Nirmal Kosare: कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है. भिलाई-चरोदा महापौर और भूपेश बघेल के करीबी निर्मल कोसरे को छत्तीसगढ़ कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है. सतनामी समाज से आने वाले कोसरे की नियुक्ति को 2026 निकाय चुनाव से पहले SC वोटबैंक साधने के दांव के तौर पर देखा जा रहा है.
तहसील कार्यालय में कामकाज को आनलाइन करने और हर प्रकरण की निगरानी आसान बनाने की व्यवस्था लागू है. लेकिन रायपुर तहसील की अतिरिक्त तहसीलदार ख्याति नेताम के खिलाफ शिकायत में इसके उलट काम करने का आरोप लगाया गया है.
Nagar Nigam Chunav: दुर्ग जिले के तीन नगर निगम भिलाई, भिलाई-चरोदा और रिसाली के कुल 150 वार्डों का आरक्षण पूरा हो गया है. कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में सेक्टर-6 कला मंदिर में लॉटरी निकाली गई. भिलाई के 70 वार्डों में 3 ST, 9 SC, 15 OBC, 8 OBC महिला, 11 सामान्य महिला और 24 सामान्य वार्ड तय हुए हैं. रिसाली के 40 वार्डों की लिस्ट भी जारी कर दिया गया है.
Jagdalpur News: बस्तर संभाग के सात जिलों के 382 धान खरीदी केंद्रों में करीब 13 लाख 74 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी.इसमें से मिलर्स करीब 13 लाख 46 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर चुके हैं.लेकिन उठाव और भौतिक सत्यापन के बाद करीब 28 हजार मीट्रिक टन धान का अंतर सामने आया है.