Bihar: मोदी कैबिनेट ने बिहार को बड़ी सौगात देते हुए पटना-आरा-सासाराम कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी. यह 120.10 किमी लंबा 4-लेन एक्सेस कंट्रोल ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड कॉरिडोर होगा.
आगरा पुलिस ने इस हमले पर एफआईआर दर्ज की है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी भीड़ को काबू करने का प्रयास करते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि हमलावरों ने शहर के पॉश इलाके में उत्पात मचाया. इस घटना के एक दिन बाद सपा ने प्रदेश में ईद के बाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है.
यात्रा के दौरान रुकने के लिए ये 10 होल्डिंग स्थान तैयार किए गए हैं, जहां आपको आराम से हर सुविधा मिलेगी. हरिद्वार, ऋषिकेश, ब्यासी, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, हरबटपुर, विकासनगर, बड़कोट और भटवाड़ी में आप रुक सकते हैं.
अखिलेश यादव ने कहा कि हम समाजवादी लोग हैं, हमें नेताजी ने जो रास्ता दिखाया, उस रास्ते पे चल रहे हैं. जनेश्वर मिश्र हम लोगों को जो सिखा के गए हैं, उसी के अनुसार काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग नफरत की दुर्गंध हैं. मैं कन्नौज के सुगंध वाले लोगों से कहूंगा कि ये दुर्गंध को हटाएं. अभी तो थोड़ी हटाई है अगली बार पूरी तरह स हटा दो.
बीजेपी को इस किट वितरण से फायदा होगा या नहीं, यह तो चुनावी नतीजे ही तय करेंगे, लेकिन एक बात तय है कि यह अभियान राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बन गया है. कुछ लोग इसे बीजेपी की सच्ची प्रतिबद्धता मान रहे हैं, जबकि दूसरे इसे केवल चुनावी प्रचार का हिस्सा मान रहे हैं.
ग्वादर जिले में हमलावरों ने नाकेबंदी के दौरान पांच पंजाबी नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी. इन नागरिकों को पहचानने के बाद उनके गाड़ियों से बाहर खींचकर मौत के घाट उतार दिया गया.
मेरठ पुलिस ने यह निर्णय लिया है कि ईद की नमाज सिर्फ तय स्थानों जैसे मस्जिदों और फैज ए आम इंटर कॉलेज में अदा की जाएगी. इसके साथ ही, ईदगाह के आसपास की सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी.
संजय सिंह ने कहा कि केएफसी की दुकानें और भाजपा नेताओं के रेस्टोरेंट भी खुले हुए हैं. अगर हिम्मत है तो उन्हें बंद कराकर दिखाएं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 और 30 मार्च को गोपालगंज में सहकारिता मंत्रालय की बैठक में शामिल होने वाले हैं. इस यात्रा में वह एनडीए के सभी साझेदारों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे. इस बैठक का उद्देश्य गठबंधन की साझा रणनीति को लागू करना है.
जिन कंपनियों ने भारतीय बाजार में कैब सर्विस का वर्चस्व बना रखा है, वे अब एक बड़े खतरे का सामना करने वाली हैं. ग्राहकों की शिकायतें जैसे बढ़े हुए किराए, सर्ज प्राइसिंग और ड्राइवरों के साथ अनुचित व्यवहार अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. वहीं, सरकार की नई सेवा इन सभी मुद्दों पर सीधे काम करेगी.