यह बुलेट ट्रेन अहमदाबाद के साबरमती स्टेशन से शुरू होकर मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स तक जाएगी. रास्ते में यह कुल 12 स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें गुजरात में 8 और महाराष्ट्र में 4 स्टेशन होंगे.
इस बैठक में कुछ अच्छी और बुरी, दोनों तरह की ख़बरें सामने आईं. अच्छी ख़बर ये है कि RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए महंगाई के अनुमान को 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया है. यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि इसका मतलब है कि चीज़ों के दाम बहुत ज़्यादा नहीं बढ़ेंगे.
Rajasthan: राजस्थान के भरतपुर जिले में एक पत्नी को सरकारी नौकरी मिली, उसने पति के साथ रहने से इनकार कर दिया और अब खुद को अविवाहित बताकर नौकरी कर रही है.
Donald Trump on Russia: ट्रंप ने दावा किया था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, लेकिन भारत ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका और यूरोप स्वयं रूस के साथ व्यापार कर रहे हैं.
Uttarakhand Cloudburst: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए धराली का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया.
कुछ अनुमानों में 60 लोगों के लापता होने और 10-12 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है. धराली बाजार पूरी तरह तबाह हो गया, और गंगोत्री धाम का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया.
इस MoU का एक खास हिस्सा है छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना. IRMRI का इनक्यूबेशन सेंटर 'ARISE' स्टार्टअप्स और MSMEs को मौका देगा कि वे रबर प्रोडक्ट्स के लिए नए आइडियाज़ लाएं. तटरक्षक बल अपनी ज़रूरतें IRMRI को बताएगा, और IRMRI भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर स्वदेशी समाधान निकालेगा.
उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से नाला उफान पर आया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए और कई घर तबाह हो गए. आशंका है कि मलबे में कई लोग दबे हो सकते हैं, जिसके बाद जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि SDRF, NDRF और अन्य टीमें युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं. प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
बादल फटने की वजह से खीर गंगा नदी उफान पर आ गया. तेज रफ्तार से पानी और मलबा पहाड़ों से नीचे की ओर बहा, जिसमें बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी का सैलाब गांव में घुस गया. धराली का बाजार, जो कभी पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार रहता था, देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गया.
लंबी बीमारी के बाद 79 वर्षीय सत्यपाल मलिक ने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली.