Chhath Puja 2025: हिंदू मान्यता के अनुसार छठ माई, सूर्य देव की बहन हैं और छठ महापर्व पर सूर्य देव के साथ छठी मैया की पूजा करके उन्हें प्रसन्न किया जाता है.
Chhath Puja 2025: बांस और पीतल, दोनों सुपा का अपना-अपना महत्व है. अगर आप परंपराओं को पूरी तरह निभाना चाहते हैं और प्रकृति के साथ जुड़ाव को महत्व देते हैं, तो बांस का सुपा आपके लिए सबसे शुभ है. वहीं, अगर आप शुद्धता के साथ थोड़ी आधुनिकता चाहते हैं, तो पीतल का सुपा भी उतना ही मंगलकारी है.
Mythological Story: वीर योद्धा कर्ण न केवल अपनी बहादुरी और दानशीलता के लिए जाने जाते हैं, बल्कि सूर्य देव के प्रति उनकी अटूट भक्ति भी प्रसिद्ध है. कर्ण का जन्म माता कुंती को सूर्य देव के आशीर्वाद से हुआ था. कुंती ने अविवाहित होने के कारण समाज के डर से कर्ण को नदी में बहा दिया था, लेकिन सूर्य की कृपा से कर्ण में दिव्य शक्ति और तेज था.
Chhath 2025: एक लोककथा के अनुसार, एक नि:संतान दंपति ने छठी मइया की पूजा की और उन्हें संतान प्राप्त हुई. इसीलिए यह पर्व संतान की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए भी खास माना जाता है. छठ पूजा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरण से भी जुड़ा है.
Chhath Nahay-Khay kab hai : भगवान सूर्य और छठी मइया की आराधना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
Govardhan Puja: पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर उठाकर गोकुलवासियों को भारी वर्षा से बचाया था.
Bhai Dooj 2025: इस साल 23 अक्टूबर को भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन बहनें आयुष्मान और सर्वार्थ सिद्धि योग में भाई के माथे पर तिलक लगाएंगी. जानें इस दिन का उपाय और राशि अनुसार शुभ गिफ्ट-
Chhath Mahaparva: आप भी बिहार में छठ की असली संस्कृति और ऐतिहासिकता को जानना चाहते हैं, तो बिहार में ऐसे कई प्राचीन घाट हैं, जिनकी अनोखी परंपरा और उनका महत्व पूरे बिहार में मशहूर है.
Govardhan Puja Samagri List 2025: हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजन किया जाता है, इस बार गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर 2025, बुधवार को मनाई जाएगी. ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि पूजन में किसी चीज की कमी न हो, तो अभी से पूजन सामग्री की तैयारी शुरू कर दें.
Diwali 2025: ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिवाली देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में विराजमान हैं, जबकि तुला राशि में सूर्य और बुध मिलकर बुधादित्य योग का निर्माण कर रहे हैं.