इस बार 21 जून को एक खास संयोग भी बन रहा है. ज्योतिषियों के अनुसार, सूर्य और चंद्रमा के बीच 'मुष्का-सुषमा योग' बन रहा है, जो कृषि और ऊर्जा के संतुलन के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इससे किसानों को भी फायदा होने की उम्मीद है.
Shani Jayanti 2025: हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है. इस दिन 'न्याय के देवता' भगवान शनि का जन्म हुआ था. इस साल 27 मई को देश भर में शनि जयंती मनाई जाएगी.
राम मंदिर का निर्माण काम 5 जून को पूरा हो जाएगा. इसके बाद परिसर में स्थित सभी मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा.
Ram Navami 2025: रामनवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. ये विशेष रूप से भारतीय समाज में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है.
Chaitra Navratri 2025: कात्यायनी देवी को निर्भीकता और साहस की देवी माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, कात्यायनी देवी का नाम कात्यायन ऋषि की पुत्री होने के कारण कात्यायनी पड़ा. कात्यायनी देवी को दुर्गा माता का छठवां अवतार माना जाता है.
Chaitra Navratri 2025: धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, मां कुष्मांडा की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अगर आपके किसी भी काम में कोई भी बाधा आ रही हो तो मां कुष्मांडा की पूजा करने से वो दूर हो जाती है.
Chaitra Navratri 2025: मां चंद्रघंटा का रूप अत्यंत शांत, सौम्य और ममतामयी है. ये अपनी भक्तों पर दया बरसाती हैं. जो भी भक्त मां चंद्रघंटा की शरण में जाता है सुख-समृद्धि और शांति प्राप्त होती है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक, मां चंद्रघंटा की पूजा से न केवल भौतिक सुख में वृद्धि होती है, बल्कि समाज में आपका प्रभाव भी बढ़ता है.
Chaitra Navratri 2025: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना से परिवार में सुख शांति और समृद्धि आई है. इस दिन विधि विधान से मां के दर्शन कर पूजा अर्चना करनी चाहिए. मां ब्रह्मचारिणी ध्यान, ज्ञान और वैराग्य की अधिष्ठात्री देवी हैं.
शनि का मीन राशि में गोचर एक खगोलीय सत्य है. इसे खारिज नहीं किया जा सकता. मीन राशि में शनि का प्रभाव कर्म और आध्यात्मिकता के संतुलन को दर्शाता है, लेकिन इसका परिणाम व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है.
Maha Shivratri: शिवरात्रि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ती हैं लेकिन साल में एक शिवरात्रि ऐसी होती है जिसे महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है. ये शिवरात्रि फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ती है.