Ambikapur: मार्केटिंग कंपनी में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के जांच के लिए बनाई दूसरी कमेटी, दो दिन में देनी होगी रिपोर्ट

Ambikapur: अंबिकापुर के स्वास्थ्य विभाग के संचालक डॉक्टर अनिल शुक्ला ने मार्केटिंग कंपनी के लिए काम करने वाले कर्मचारियों की जांच के लिए अब खुद से एक नई जांच टीम बनाई है, और दो दिनों के भीतर टीम से जांच रिपोर्ट मांगी है.
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Ambikapur: अंबिकापुर के स्वास्थ्य विभाग के संचालक डॉक्टर अनिल शुक्ला ने मार्केटिंग कंपनी के लिए काम करने वाले कर्मचारियों की जांच के लिए अब खुद से एक नई जांच टीम बनाई है, और दो दिनों के भीतर टीम से जांच रिपोर्ट मांगी है. इससे पहले ज्वाइंट डायरेक्टर के द्वारा जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर जांच कमेटी बनाने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन उस जांच कमेटी के द्वारा प्राथमिक तौर पर सही जांच रिपोर्ट नहीं मिलने के संदेह के बाद फिर से जांच कमेटी बनाई गई है और दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है.

मार्केटिंग कंपनी में काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारी

इस नई जांच कमेटी को मार्केटिंग कंपनी में कर्मचारियों द्वारा काम करने के दौरान का वीडियो और फोटो भी उपलब्ध कराया गया है, जिसमें धौरपुर इलाके के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी वेलनेस कोच बनकर लोगों को निजी कंपनी के प्रोडक्ट खरीदने के लिए प्रेरित करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इतना ही नहीं उनके द्वारा सरकारी कार्यक्रमों के फोटो का भी निजी कंपनी के प्रचार के दौरान उपयोग किया गया है वह भी दिखाई दे रहा है.

कर्मचारियों को बचाने का काम कर रहे अधिकारी

सवाल उठ रहा है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला और जिला स्तर के अधिकारी मार्केटिंग कंपनी के लिए काम करने वाले कर्मचारियों को बचाने के लिए इतनी कड़ी मशक्कत क्यों कर रहे हैं जबकि मार्केटिंग कंपनी के लिए काम करने का कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है. इतना ही नहीं अधिकारियों के पास भी इसका वीडियो मौजूद है लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना अधिकारियों की मंशा पर सवाल खड़ा कर रहा है.

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सबसे बड़ी बात तो यह है कि सरगुजा संभाग में अलग-अलग मार्केटिंग कंपनियों में सरकारी विभागों के अधिकारी कर्मचारी लंबे समय से काम कर रहे हैं और यही वजह है कि उनके द्वारा विभाग के काम को प्राथमिकता के साथ नहीं किया जाता है इसकी वजह से आम आदमी तक सरकार की योजनाएं पहले नहीं पहुंच पा रही है जबकि मार्केटिंग कंपनी की रणनीति प्लानिंग यहां सफल होती हुई दिखाई दे रही है, कई ऐसे बड़े अधिकारी है जो अपने निचले अधिकारियों और कर्मचारियों को मार्केटिंग कंपनी में जोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं. इसके पीछे भी यही वजह है कि प्रशासनिक कार्यवाही नहीं की जा रही है.

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