CG News: अपोलो अस्पताल पर फिर लगे लापरवाही के आरोप, बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग
अपोलो अस्पताल पर लगे लापरवाही के आरोप
CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है. इलाज के दौरान एक बुजुर्ग मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही, पारदर्शिता की कमी और उपचार प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं. मामले को लेकर आज बिलासपुर प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता आयोजित की गई, जहां मृतक के परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
बेहतर इलाज की उम्मीद, लेकिन उठे गंभीर सवाल
न्यायधानी बिलासपुर में स्थापित अपोलो अस्पताल से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद रही है, लेकिन समय-समय पर अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही और अत्यधिक व्यावसायिक रवैया अपनाने के आरोप लगते रहे हैं. ताजा मामला कोरबा जिले के हरदी बाजार क्षेत्र निवासी 81 वर्षीय उदय नारायण जायसवाल की मृत्यु से जुड़ा है.
मृतक के पुत्र राजेश कुमार जायसवाल ने बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि उनके पिता को 14 अप्रैल 2026 को दाहिने पैर में दर्द की शिकायत के बाद अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान 27 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई. परिजनों का आरोप है कि उन्हें मृत्यु के कारणों और उपचार प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट और संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई.
आईसीयू और वेंटिलेटर में रखने पर भी उठाए सवाल
इस संबंध में मृतक के पुत्र एवं पीड़ित परिजन राजेश कुमार जायसवाल ने बताया कि उनके पिता को केवल पैर में दर्द की शिकायत थी. उनकी तबीयत को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से परिवार को संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने आए. साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मरीज को आईसीयू और वेंटिलेटर में क्यों रखा गया तथा उपचार के दौरान कौन-कौन सी चिकित्सकीय प्रक्रियाएं अपनाई गईं. उनका कहना है कि भर्ती से लेकर मृत्यु तक की पूरी मेडिकल प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की जानी चाहिए.
प्रधानमंत्री से लेकर स्थानीय प्रशासन तक भेजी शिकायत
इस मामले को लेकर परिजनों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, संभागायुक्त, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल परिजनों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं और मामले की जांच की मांग की जा रही है. अस्पताल प्रबंधन का पक्ष अभी सामने आना बाकी है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है.
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