छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन लाएगी IPO, प्रदेश की पहली सरकारी कंपनी होगी, शेयर मार्केट से पूंजी जुटाने की तैयारी

CG News: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इसे लिस्ट कराया जाएगा. इसके लिए कंपनी में उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है. रूपरेखा तैयार की जा रही है. इसके माध्यम से कंपनी शेयर मार्केट से पूंजी जुटाएगी, इसकी मदद से विस्तार हो सकेगा.
chhattisgarh power transmission to launch ipo will be state first government company

छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी आईपीओ लाएगी

CG News: छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने की तैयारी कर रही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इसे लिस्ट कराया जाएगा. इसके लिए कंपनी में उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है. रूपरेखा तैयार की जा रही है. इसके माध्यम से कंपनी शेयर मार्केट से पूंजी जुटाएगी, इसकी मदद से विस्तार हो सकेगा.

छत्तीसगढ़ की पहली सरकारी कंपनी होगी

छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी IPO लाती है तो प्रदेश की पहली सरकारी कंपनी होगी. आईपीओ से कंपनी कितने रुपये जुटाएगी, इसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है. पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड है लेकिन ये ट्रेड नहीं करती है. इसने साल 2014-15 और 2015-16 में बॉन्ड जारी करके पैसा जुटाया था.

छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन के IPO लाने के बाद कंपनी अपना कुछ अंश आम लोगों को देगी. ये शेयर बाजार में व्यापार भी करेगा. शेयर की खरीद-बिक्री की जा सकेगा. कंपनी का परफॉर्मेंस अच्छा होता है तो प्रॉफिट बढ़ता है और मार्केट कैपिटलाइजेशन भी बढ़ता जाता है. इससे शेयरधारकों की हिस्सेदारी भी बढ़ती है. लाभ बढ़ने पर कंपनी डिविडेंड या लाभांश अपने शेयरधारकों की देती है.

ये भी पढ़ें: CG Weather: छत्तीसगढ़ के मौसम में बड़ा बदलाव! रायपुर-बिलासपुर समेत 15 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी

कंपनी की कुल संपत्ति 6281 करोड़ रुपये

कंपनी की बात करें तो कुल संपत्ति 6281 करोड़ रुपये है. साल 2024-25 में 207 करोड़ और 2023-24 में शुद्ध मुनाफा 61.13 करोड़ रुपये रहा. कंपनी पर कुल ऋण 1040 करोड़ रुपये है. छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी राजेश कुमार शुक्ला का कहना है कि देश के कई राज्यों की सरकारी कंपनियां अपना IPO लाकर आम लोगों से पैसे जुटा रही हैं. आईपीओ लाने पर चर्चा चल रही है, ये शासन स्तर का मामला है.

ज़रूर पढ़ें