Durg News: जिला अस्पताल में चीटियों का अटैक! ओटी को बंद किया गया, हर दिन टल रहे 5 ऑपरेशन

Durg News: अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित हिस्से को सील कर दिया है और पेस्ट कंट्रोल, फ्यूमिगेशन तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करा दिए हैं. वहीं सिविल सर्जन आशीषण मिंज ने बताया कि संक्रमण के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं.
durg district hospital operation theatre shut down due to ants

दुर्ग: जिला अस्पताल में चीटियों की वजह से बंद करना पड़ा ऑपरेशन थियेटर

Durg News: दुर्ग जिला चिकित्सालय की मदर-चाइल्ड यूनिट से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. ऑपरेशन थिएटर में बड़ी संख्या में चींटियां पहुंच जाने के कारण पिछले तीन दिनों से सिजेरियन डिलीवरी रोकनी पड़ी है. संक्रमण के खतरे को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने एहतियातन ओटी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और सभी सीजर ऑपरेशन मेजर ओटी में शिफ्ट किए गए हैं. इसके चलते वहां पहले से तय आर्थोपेडिक और अन्य प्लांड सर्जरी भी प्रभावित हुई हैं.

औसतन रोजाना 5 ऑपरेशन टले

दरअसल, जिला अस्पताल में रोजाना औसतन पांच ऑपरेशन टालने पड़े, जबकि इमरजेंसी सर्जरी दूसरी टेबल पर जारी रखी गई. बताया जा रहा है कि अस्पताल की पुरानी इमारत, उखड़ी हुई टाइल्स और उनमें बनी दरारों के जरिए चींटियां ऑपरेशन थिएटर तक पहुंच रही थीं. वहीं, पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था में लापरवाही और भवन की तकनीकी खामियों को भी इस समस्या की बड़ी वजह माना जा रहा है.

अस्पताल प्रबंधन का क्या कहना है?

अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित हिस्से को सील कर दिया है और पेस्ट कंट्रोल, फ्यूमिगेशन तथा आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करा दिए हैं. वहीं सिविल सर्जन आशीषण मिंज ने बताया कि संक्रमण के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर नहीं किया गया है और सभी आवश्यक ऑपरेशन अस्पताल के दूसरे ऑपरेशन थिएटर में कराए जा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Durg News: दुर्ग पुलिस का एक्शन, 26 म्यूल बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया

उन्होंने कहा कि फ्यूमिगेशन और तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दो से तीन दिनों में मदर-चाइल्ड यूनिट का ऑपरेशन थिएटर फिर से सामान्य रूप से शुरू कर दिया जाएगा. अस्पताल प्रशासन भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए भी स्थायी समाधान पर काम कर रहा है.

ज़रूर पढ़ें