Mohammad Salman: फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर पार्षद बना सलमान बर्खास्त, हाई कोर्ट ने लगाई मुहर
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Mohammad Salman: दुर्ग: भिलाई से बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल, भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक 35 शारदा पारा से निर्वाचित पार्षद मोहम्मद सलमान की बर्खास्तगी पर हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी है. जी हां, फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए चुनाव लड़ने के आरोप के मामले में हाई कोर्ट ने पार्षद की अपील खारिच कर दी है.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, जांच में सामने आया है कि, मोहम्मद सलमान ने खुद को कंजड़ा समाज का बताते हुए चुनाव लड़ा और पार्षद बने. इसके बाद उन्होंने 23 दिसंबर 2021 को निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी किया. पर बाद में बड़ा खुलासा हुआ, दरअसल उनके जाति और सामाजिक स्थिति प्रमाण पत्र को लेकर शिकायतें आईं, जिनकी जांच अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), दुर्ग ने की.
जांच में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं. जांच में यह भी पाया गया कि जिस राजस्व प्रकरण क्रमांक का हवाला दिया गया था, वह किसी दूसरे व्यक्ति से संबंधित था. इसके बाद दुर्ग संभागायुक्त ने 6 मई 2024 को मोहम्मद सलमान को पार्षद पद से हटाने का आदेश जारी किया. इसके खिलाफ की गई अपील भी 4 सितंबर 2024 को खारिज हो गई.
बता दें कि, सलमान ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी , जिसे एकलपीठ ने 3 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया. अब, डिवीजन बेंच ने माना है कि संभागायुक्त को पार्षद की पात्रता और अयोग्यता के संबंध में कार्रवाई करने का अधिकार है. हाई कोर्ट ने मोहम्मद सलमान की बर्खास्तगी को बरकरार रखा.
कोर्ट ने क्या बोला ?
बता दें कि, दुर्ग संभागायुक्त ने पार्षद की अयोग्यता के मामले में कार्रवाई की थी. एकलपीठ के फैसले में भी कोई गलतियां नहीं पाई. बताते चलें कि, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विन्द्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने यह फैसला सुनाया है. यह भी बता दें कि, साल वर्ष 2021 में वार्ड क्रमांक 35 शारदा पारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित था.
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