भूपेश बघेल Vs विजय शर्मा! रायपुर के प्रेस क्लब में आमने-सामने दोनों दिग्गज, माहौल गरम

CG Political News: रायपुर प्रेस क्लब में आज पीएम आवास के आंकड़ाें को लेकर डिप्‍टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने आ गए हैं.
Former CM Bhupesh Baghel and Deputy CM Vijay Sharma

पूर्व सीएम भूपेश बघेल और डिप्‍टी सीएम विजय शर्मा

Bhupesh Baghel Vijay Sharma Debate: रायपुर प्रेस क्लब में आज पीएम आवास के आंकड़ाें को लेकर डिप्‍टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल आमने-सामने आ चुके हैं. इस दौरान दोनों ही नेता अपनी-अपनी बात रख रहे हैं. दोनों नेताओं के आमने सामने बैठने के पीछे की सबसे बड़ी वजह पीएम आवास आंकड़ों को लेकर है, जिसको लेकर दोनों ही एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे थे. जिसने छत्तीसगढ़ की स‍ियासी में गरमाहट ला दी थी. यही वजह है कि अब दोनों मीड‍िया के सामने बैठकर अपनी-अपनी बात रख रहे हैं….

दोनों नेताओं ने PM आवास के मुद्दे पर एक दूसरे को बहस की चुनौती दी थी. इस डिबेट को छत्तीसगढ़ की राजनीति में इसलिए खास माना जा रहा है, क्योंकि यहां की राजनीति में पहली बार सरकार में जिम्मेदार पद पर बैठे नेता और पूर्व मुख्यमंत्री किसी एक मुद्दे पर सार्वजनिक मंच पर सीधे आमने-सामने बैठे हैं.

ब‍हस में दोनों नेताओं ने क्‍या बात कही?

डिप्‍टी सीएम विजय शर्मा ने रखे आंकड़े

  • विजय शर्मा ने कहा छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा आवास बने.
  • 11 लाख 75 हजार आवास पूर्ण किए.
  • भूपेश सरकार में सिर्फ 3 लाख आवास स्वीकृत.
  • 3.65 लाख नए आवासों को स्वीकृति.
  • पीएम आवास का राजनीतिकरण हुआ.
  • 2025-26 प्रदेश में सबसे अधिक आवास.
  • साय सरकार में अब तक 11 लाख आवास.
  • पहली कैबिनेट में 18 लाख आवास स्वीकृत.
  • आपकी गणना अशुद्ध है.
  • एक लाख 57 हजार पीएम आवास भूपेश बघेल ने बनाए.
  • भूपेश सरकार ने शेष पीएम आवास वापस कर दिए.
  • पोर्टल बंद करने का बहाना बना रहे हैं. पोर्टल बंद नहीं हुआ था.
  • पोर्टल बंद करना कहना गलत बात.
  • आपने आवास का टारगेट नहीं लिया.

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने रखी अपनी बात

  • NDA की सरकार में इंदिरा आवास के बाद पीएम आवास आया.पहले इंदिरा आवास था, जो 2014-15 में पीएम आवास हुआ.
  • रमन सरकार 2 लाख 29 हजार से अधिक में पूरा हुआ.
  • रमन सरकार में 4 लाख से अधिक का लक्ष्य था.
  • रमन सरकार में 6 हजार से अधिक आवास बाकी था.
  • 2020-21 में एक लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए.
  • 2022-23 में केंद्र सरकार ने पोर्टल बंद किया.
  • पंचायत मंत्री ने पत्र लिखा, कोरोना में हमने लोन लिए.
  • पोर्टल बंद करने से आवास टोटल 18 लाख हो गए.
  • 10 जनवरी 2025 को 3 लाख आवास स्वीकृत किए.
  • अंबिकापुर में प्रवास में 3 लाख फिर आवास किए.
  • केंद्र सरकार के स्वीकृति के आधार 41 लाख हो गए.
  • साय सरकार ने 18 लाख पीएम आवास स्वीकृति किए.
  • 11 सितंबर 2026 को शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख 65 हजार आवास स्वीकृत किए.
  • शिवराज ने तीसरी बार तीन लाख आवास फिर स्वीकृत किए.
  • साय सरकार में कुल 46 लाख आवास स्वीकृत किए.

प्रेस क्लब पहुंचे विजय शर्मा और भूपेश बघेल

बहस के लिए रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे भूपेश बघेल ने कहा कि आज दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. वहीं विजय शर्मा ने बहस को लेकर कहा कि मैंने चुनौती नहीं दी. लेकिन वो हमेशा ऐसी बातें करते थे और अभद्र भाषा में का इस्तेमाल करते थे. इसलिए हमने तय किया कि एक बार स्वस्थ्य चर्चा हो जाए. पश्चिम के देशों में ऐसी परंपरा है लेकिन ऐसा राज्य में और देश में शायद यह पहली बार हो रहा है.

मैं सभी जानकारी लेकर आया हूं – भूपेश बघेल

प्रेस क्लब के महासचिव का ने इस बहस को लेकर कहा कि हम संवाद के लिए तैयार है और प्रेस क्लब संवाद का मंच है. वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि मुझे आमंत्रण नहीं मिला है. मीडिया से समय और स्थान की जानकारी मिली थी. विजय शर्मा ने चुनौती दी थी मैं सभी जानकारी लेकर आया हूं.

दोनों नेताओं ने दी थी बहस की चुनौती

बता दें कि बता दें कि पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर भूपेश बघेल ने डिप्‍टी सीएम विजय शर्मा को चुनौती दी थी. इसके बाद मामला तब और बड़ा हो गया जब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पीएम आवास योजना के आंकड़ो का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख पीएम आवास बनाने की फाइल पर हस्ताक्षर किए थे. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 11 लाख आवास बनकर तैयार हो चुके हैं. इसी को लेकर शर्मा ने भूपेश बघेल को चुनौती देते हुए कहा था कि वे किसी भी मंच पर इस मुद्दे पर बहस करने के लिए तैयार हैं.

आंकड़ों को लेकर बघेल ने उठाए सवाल

वहीं, भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि पीएम आवास को लेकर सरकार की ओर से अलग-अलग जगहों पर अलग आंकड़े बताए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में 18 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है, जबकि संसद में अलग आंकड़े सामने आते हैं.

बघेल का दावा है कि प्रदेश में 11 लाख से अधिक आवास पहले ही बन चुके थे, जिनमें पिछली सरकारों के कार्यकाल में बने आवास भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में करीब 7 लाख आवास स्वीकृत कराए गए थे. अब सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वर्तमान कार्यकाल में कितने आवास स्वीकृत हुए और उनमें से कितने पूरे हो चुके हैं.

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