NEET UG Result Date: छत्तीसगढ़ में NEET UG री-एग्जाम के चलते मेडिकल एडमिशन में देरी, जुलाई के अंत में आ सकता है रिजल्‍ट

NEET UG Result Date: 21 जून को आयोजित री-एग्जाम के परिणाम जुलाई के अंतिम सप्ताह तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है.
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सांकेतिक तस्‍वीर

NEET UG Result Date: NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा के बाद देशभर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होने के आसार हैं. 21 जून को आयोजित री-एग्जाम के परिणाम जुलाई के अंतिम सप्ताह तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है. इसके बाद एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया सितंबर से शुरू हो सकती है. ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत भी तय समय से पीछे खिसक सकती है.

अगस्त की बजाय देर से शुरू हो सकता है नया सत्र

सामान्य तौर पर मेडिकल कॉलेजों में नया सत्र अगस्त की शुरुआत में शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार परीक्षा और परिणाम में हुई देरी का असर सीधे प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ेगा. पहले ऑल इंडिया कोटे की सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी, जिसके बाद राज्य कोटे की सीटों के लिए कार्यक्रम घोषित होगा. चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा में हुए बदलावों के कारण पूरी प्रक्रिया का शेड्यूल प्रभावित होना तय है.

2330 MBBS सीटों पर होगा प्रवेश

छत्तीसगढ़ में फिलहाल 10 सरकारी और 5 निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जहां एमबीबीएस की कुल 2330 सीटें उपलब्ध हैं. इन सीटों पर प्रवेश के लिए 3 मई को NEET UG परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन नकल के मामलों की पुष्टि होने के बाद परीक्षा निरस्त कर दी गई. इसके चलते प्रदेश के लगभग 46 हजार विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी.

मेरिट के आधार पर मिलेगा कॉलेज

री-एग्जाम के परिणाम के आधार पर तैयार मेरिट सूची से ही मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा. बेहतर रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना अधिक रहेगी, जबकि कम रैंक वाले अभ्यर्थियों को बीडीएस में अवसर मिल सकता है. केवल क्वालिफाई करने वाले छात्र ही काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे. राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अधिकांश सीटें स्टेट कोटे के लिए सुरक्षित हैं, जबकि कुछ सीटें ऑल इंडिया कोटा और केंद्रीय पूल के लिए निर्धारित रहती हैं.

पैरामेडिकल कोर्स में भी लागू होगा NEET

इस वर्ष से प्रदेश में कई पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश NEET UG के माध्यम से किया जाएगा. फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशनल थैरेपी, रेडियोथैरेपी टेक्नोलॉजी, मेडिकल लैबोरेटरी साइंस और हेल्थ इन्फॉर्मेशन सिस्टम जैसे कोर्स अब इसी प्रक्रिया के तहत संचालित होंगे. राष्ट्रीय स्तर पर जारी दिशा-निर्देशों के बाद सीधे प्रवेश की व्यवस्था समाप्त की जा रही है और चयन पूरी तरह मेरिट आधारित होगा.

दो साल से रुकी थी पैरामेडिकल प्रवेश प्रक्रिया

पिछले दो वर्षों से प्रदेश में कई पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया रुकी हुई थी, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा. कुछ विद्यार्थियों ने निजी संस्थानों का रुख किया, जबकि कई सरकारी संस्थानों में दाखिले की प्रतीक्षा करते रहे. नए नियम लागू होने के बाद अब सभी प्रवेश निर्धारित प्रक्रिया और मेरिट के आधार पर ही किए जाएंगे.

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