रायपुर में लोकभवन के सामने कांग्रेस का प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े नेता, राहुल गांधी को डिटेन किए जाने पर भड़के
रायपुर: लोकभवन के सामने कांग्रेस का प्रदर्शन
Raipur Congress Protest: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस ने मंगलवार (21 जुलाई) को लोकभवन के पास कांग्रेस ने प्रदर्शन किया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि नीट परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं. कैबिनेट मिनिस्टर को इस्तीफा दे देना चाहिए. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबल को तैनात किया गया है. कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी देखने को मिली.
राहुल गांधी को डिटेन करने से भड़के
दरअसल, कांग्रेस ने मंगलवार की शाम को पीएम आवास के बाहर बड़े स्तर पर धरना दिया. इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए. इस दौरान दिल्ली पुलिस धरनास्थल पर पहुंची. राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस ने डिटेन कर लिया है. इस दौरान राहुल गांधी की नाक में चोट लग गई. नाक से खून बह गया. दोनों नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम में रखा गया है.
नरेंद्र मोदी इस्तीफ़ा दो!
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) July 21, 2026
प्रधानमंत्री आवास के बाहर से पुलिस ने हमारे वरिष्ठ नेताओं के साथ मुझे भी बस में बैठा लिया है.
एयरपोर्ट की तरफ़ कहीं लेकर जा रहे हैं.
दिल्ली पुलिस ने मेरा एक जूता भी ले लिया है. pic.twitter.com/HC46Jc0mbp
भूपेश भी किए गए डिटेन
दिल्ली में हुए कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी शामिल हुए. उन्हें भी डिटेन कर लिया गया. उन्होंने सोशल मीडिया में पोस्ट करके जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर से पुलिस ने हमारे वरिष्ठ नेताओं के साथ मुझे भी बस में बैठा लिया है. एयरपोर्ट की तरफ कहीं लेकर जा रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने मेरा एक जूता भी ले लिया है.
कांग्रेस ने सरकार के सामने तीन मांग रखीं
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री शधर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा.
- परीक्षा में हुई अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य की रक्षा करने में सरकार की विफलता पर संसद में पूरी चर्चा.
- दिल्ली की घटनाओं को लेकर कल छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई सभी FIR वापस ली जाएं.