Raipur Court News: साय परिवार से जुड़ा केस, कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

Raipur Court News: रायपुर. सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर से टकराकर 21 वर्षीय युवक चमन साय की मौत के मामले में द्वितीय अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, रायपुर ने मृतक के माता-पिता के पक्ष में 16 लाख 44 हजार रुपए क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है.

Raipur Court News: रायपुर. सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर से टकराकर 21 वर्षीय युवक चमन साय की मौत के मामले में द्वितीय अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, रायपुर ने मृतक के माता-पिता के पक्ष में 16 लाख 44 हजार रुपए क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है. अधिकरण ने बीमा कंपनी को यह राशि आदेश की तारीख से 30 दिन के भीतर जमा करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही दावा प्रस्तुत करने की तारीख से अधिनिर्णय की तारीख तक 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी आदेश दिया गया है.

मामला 26 नवंबर 2024 का है. दावा आवेदन के अनुसार चमन साय मोटरसाइकिल से पत्थलगांव से अपने ग्राम पेंडरखी लौट रहा था. उसके साथ एक महिला भी सवार थी. रात करीब 7.30 बजे ग्राम गतुरमा मेन रोड के पास ट्रैक्टर क्रमांक सीजी-15-ईई-0890 को चालक ने कथित तौर पर बिना संकेतक या इंडिकेटर लाइट के सड़क के बीच में रोक दिया. पीछे से आ रही मोटरसाइकिल ट्रैक्टर के पिछले हिस्से से जा टकराई. हादसे में चमन साय को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई.

घटना के बाद सीतापुर थाने में अपराध क्रमांक 343/2024 दर्ज किया गया था. मृतक की उम्र 21 वर्ष बताई गई. परिजनों के अनुसार वह बढ़ई का काम करता था और करीब 12 हजार रुपए प्रतिमाह कमाता था. इसी आधार पर परिजनों ने 22 लाख 90 हजार रुपए क्षतिपूर्ति की मांग की थी. ट्रैक्टर चालक और वाहन मालिक ने हादसे के लिए मृतक को जिम्मेदार बताते हुए दावा खारिज करने की मांग की थी. वहीं बीमा कंपनी की ओर से भी चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं होने और मृतक द्वारा हेलमेट नहीं पहनने जैसे तर्क दिए गए. हालांकि अधिकरण ने बीमा शर्तों के उल्लंघन का आरोप प्रमाणित नहीं पाया.

कोर्ट ने ऐसे तय किया मुआवजा

अधिकरण ने पुलिस दस्तावेजों और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर माना कि ट्रैक्टर को बिना संकेतक के सड़क पर अचानक रोकने के कारण पीछे से आ रही मोटरसाइकिल उससे टकराई और चमन साय की मृत्यु हुई. इस आधार पर हादसे में ट्रैक्टर चालक की लापरवाही को प्रमाणित माना गया. मृतक की निश्चित आय का दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकरण ने क्षतिपूर्ति की गणना के लिए 10 हजार रुपए प्रतिमाह की न्यूनतम मजदूरी को आधार बनाया. 21 वर्ष की उम्र के कारण 18 का गुणक लगाया गया तथा भविष्य की आय में 40 प्रतिशत वृद्धि जोड़कर आय की गणना की गई. इसके बाद आश्रितों के लिए कुल 16 लाख 44 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई.

आदेश के अनुसार 16.44 लाख रुपये में से दोनों आवेदकों को 2.50-2.50 लाख रुपये उनके खातों में नकद दिए जाएंगे, जबकि शेष राशि तीन वर्ष के लिए किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा की जाएगी. यह अधिनिर्णय द्वितीय अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, रायपुर के पीठासीन अधिकारी जितेन्द्र कुमार सिंह ने 11 अगस्त 2026 को पारित किया है.

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