Raipur News: सड़क हादसे में पति की मौत, परिवार को 85.71 लाख रुपये मुआवजा
कोर्ट (फाइल फोटो)
Raipur News: रायपुर. सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक के परिजनों को नवम अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने बड़ा न्याय दिया है. अधिकरण की पीठासीन अधिकारी श्रीमती पल्लवी तिवारी ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी और वाहन चालकों को संयुक्त रूप से 85,71,440/- (पचासी लाख इकहत्तर हजार चार सौ चालीस रुपये) की मुआवजा राशि मृतक के आश्रितों को भुगतान करने का आदेश दिया है.
यह था पूरा मामला
प्रकरण के अनुसार, 4 जुलाई 2024 को रात्रि लगभग 9:30 बजे अशोनित केशवानी अपनी स्कूटी (क्रमांक-सीजी 22 एक्स 2186) से बेमेतरा से सिमगा की ओर जा रहे थे. इसी दौरान ग्राम टेमरी के पास एनएच-30 पर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक (क्रमांक-सीजी 07 सीएच 7417) के चालक मनोज ध्रुव ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी. इस भीषण हादसे में अशोनित के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिनकी जिला अस्पताल बेमेतरा में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई. घटना के संबंध में थाना बेमेतरा में अपराध क्रमांक 363/2024 पंजीबद्ध किया गया था.
अधिकरण में चली लंबी सुनवाई
मृतक की पत्नी श्रीमती गीता केशवानी, पुत्री कु. वैष्णवी केशवानी तथा माता-पिता अनिता केशवानी व अशोक केशवानी ने अधिवक्ता संतोष सेन के माध्यम से मोटरयान अधिनियम की धारा 166 के तहत दावा याचिका प्रस्तुत की थी. बीमा कंपनी की ओर से अंतिम प्रतिवेदन में टंकण त्रुटि (टाइपिंग मिस्टेक) का हवाला देते हुए वाहन नंबर को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिसे अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर खारिज कर दिया. अधिकरण ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना ट्रक चालक की उपेक्षा के कारण ही घटित हुई थी.
मुआवजे का ऐसा हुआ है वितरण
अधिकरण ने मृतक की आय, भविष्य की संभावनाओं और विभिन्न मदों (जैसे संपदा हानि, अंतिम संस्कार एवं कंसोर्टियम) को शामिल करते हुए कुल 85,71,440 रुपये का अवार्ड पारित किया है, जिस पर प्रकरण प्रस्तुत करने की तिथि से 7% वार्षिक ब्याज भी देय होगा.
- अव्यस्क पुत्री (वैष्णवी): 30,00,000/- उनके वयस्क होने तक या 5 वर्ष (जो भी अधिक हो) के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा (FD) किए जाएंगे, जिसका मासिक/वार्षिक ब्याज माता प्राप्त कर सकेंगी.
- माता-पिता (अनिता व अशोक केशवानी): प्रत्येक को ₹8,00,000/- दिए जाएंगे, जिसमें से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये उनके बचत खाते में अंतरित होंगे तथा शेष राशि 5 वर्षों के लिए बैंक में एफडी रहेगी.
- पत्नी (गीता केशवानी): शेष संपूर्ण राशि मृतक की पत्नी को मिलेगी, जिसमें से ₹3,00,000/- उनके खाते में ट्रांसफर होंगे और बाकी राशि पर 5 साल की एफडी बनेगी. अधिकरण ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह निर्णय की तिथि से 30 दिनों के भीतर ब्याज सहित संपूर्ण मुआवजा राशि अधिकरण में जमा करे.
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