जेल में बंद उज्बेकिस्तान की दो महिलाएं लौटेंगी अपने देश, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ी राहत, वीजा खत्म होने के बाद भी रह रही थीं

दोनों युवतियों को पकड़ने के बाद पुलिस ने दोनों से काफी दिनों तक पूछताछ की. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने घर-परिवार और अपने बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी. इसके बाद पुलिस ने 13 मार्च को पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
Both Uzbek women detained in Raipur Jail will be sent back to their country

रायपुर जेल में बंद उज्बेकिस्तानी दोनों महिलाओं को उनके वतन डिपोर्ट किया जाएगा.

CG News: रायपुर की जेल में बंद उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट के आदेश के बाद दोनों महिलाओं फेरूजा सबिरोवा और दिनोरा सफ्युतदिनोवा की वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है. हाई कोर्ट ने भारत में उज्बेकिस्तान के राजदूत और राज्य सरकारी की सहमित के बाद दोनों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं. संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की आशंका के चलते दोनों को गिरफ्तार किया गया था.

जनवरी में पकड़ी गई थीं उज्बेकिस्तानी महिलाएं

उज्बेकिस्तान युवतियों फेरूजा सबिरोवा और दिनोरा सफ्युतदिनोवा को पुलिस ने 9 जनवरी 2026 को होटल एरिना बुटिक से पकड़ा था. दोनों को संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के शक में पकड़ा था. जिसके बाद जब पुलिस ने दोनों युवतियों से दस्तावेज मांगे तो वे सही दस्तावेज नहीं उपलब्ध करवा सकीं. जांच में पता चला कि दिनोरा सफ्युतदिनोवा का वीजा काफी पहले समाप्त हो चुका था. जबकि फेरूजा सबिरोवा के पास वैध पासपोर्ट नहीं था.

2 महीने तक पूछताछ के बाद भी नहीं दी जानकारी

दोनों युवतियों को पकड़ने के बाद पुलिस ने दोनों से काफी दिनों तक पूछताछ की. लेकिन इसके बाद भी उन्होंने घर-परिवार और अपने बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी. इसके बाद पुलिस ने 13 मार्च को पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद दोनों को रायपुर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया था.

राज्य सरकार और दूतावास की सहमति के बाद HC ने दी राहत

दोनों महिलाओं के पकड़े जाने के बाद भारत स्थित उज्बेकिस्तान दूतावास ने अपील की थी. दूतावास ने दस्तावेजों को उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था. जिसके बाद राज्य सरकार ने भी महिलाओं को छोड़ने की सहमति दे दी थी. लेकिन अब हाई कोर्ट ने दोनों महिलाओं को उनके देश जाने का रास्ता साफ कर दिया है. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इसमें ऐसी कोई भी आपत्ति वाली बात नहीं है. साथ ही सरकार को जल्द से जल्द डिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं.

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