Ambikapur: DHT केयर हॉस्पिटल में होने वाली अनियमितताएं पर कार्रवाई अटकी, कलेक्टर के पास नहीं पहुंच सकी जांच रिपोर्ट

Ambikapur News: अंबिकापुर के निजी DHT केयर हॉस्पिटल के खिलाफ गंभीर अनियमितताएं मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है.
DHT Care Hospital

DHT केयर हॉस्पिटल

Ambikapur News: अंबिकापुर के निजी DHT केयर हॉस्पिटल के खिलाफ गंभीर अनियमितताएं मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है. सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार कर ली है, लेकिन वह अब तक सरगुजा कलेक्टर को नहीं भेजी गई. इस बीच अधिकारियों पर दबाव होने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं.

तीन जांच टीमों को मिलीं गंभीर गड़बड़ियां

पिछले 40 दिनों में अस्पताल की तीन अलग-अलग स्तर पर जांच हुई. पहले नर्सिंग होम एक्ट की टीम, फिर आयुष्मान भारत योजना की टीम और हाल ही में सीएमएचओ ने अस्पताल का निरीक्षण किया. तीनों जांच में अस्पताल के संचालन और नियमों के पालन को लेकर गंभीर कमियां सामने आईं.

नोटिस के बाद भी नहीं हुआ सुधार

जांच के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया और जवाब भी मांगा गया. हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि अस्पताल की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं था. इसके बावजूद अब तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है.

कलेक्टर ने दिए थे सख्त निर्देश

सूत्रों के मुताबिक, सरगुजा कलेक्टर ने हाल ही में सीएमएचओ को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यदि जांच में गंभीर अनियमितताएं साबित हों तो नियमानुसार अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके बाद सीएमएचओ और आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी ने अपनी-अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली थी.

कार्रवाई से पहले बढ़ा दबाव

जानकारी के अनुसार, जांच रिपोर्ट कलेक्टर को भेजे जाने की तैयारी के बीच अस्पताल से जुड़े एक सरकारी डॉक्टर कुछ अन्य चिकित्सकों के साथ संभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से मिले. इसके बाद संबंधित अधिकारियों को बुलाकर कार्रवाई को लेकर नरमी बरतने का संकेत दिए जाने की चर्चा है. हालांकि इस संबंध में किसी अधिकारी की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सरकारी डॉक्टर डॉ. अशोक टोप्पो अस्पताल में मरीजों का उपचार और ड्यूटी करते हैं. इस तथ्य ने भी पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है.

अब कलेक्टर के फैसले पर निगाह

स्वास्थ्य विभाग के भीतर कार्रवाई को लेकर असमंजस की स्थिति बताई जा रही है. ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच रिपोर्ट कलेक्टर तक पहुंचती है या नहीं और DHT केयर हॉस्पिटल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होती है या फिर मामला दबकर रह जाता है.

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