‘गूंगे-बहरे’ सिस्टम से उम्मीद टूटी तो भगवान के दरबार में पहुंचे, 5 महिलाओं की मौत का न्याय मांगने के लिए मंदिर में ज्ञापन सुनाया
श्री चारभुजा नाथ भगवान(File Photo)
Rajasthan News: जब किसी व्यक्ति के साथ गलत होता है तो वो आसपास अपने सिस्टम यानी कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के पास जाता है. कभी-कभी जनप्रतिनिधियों के पास भी अपनी दरख्वास्त लेकर पहुंचता है, लेकिन जब वो ही अधिकारी और जनप्रतिनिधि समेत पूरा सिस्टम बेसुध हो जाते हैं और न्याय की उम्मीद नहीं रह जाती तो इंसान हताश हो जाता है. लेकिन भगवान से उसकी आस्था कभी नहीं टूटती. ऐसा ही एक नजारा राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में देखने को मिला है. यहां 4 प्रसूता समेत 5 महिलाओं की मौत के मामले में सिस्टम की बेरुखी से गुस्साए और दुखी पीड़ित परिवार और समाज के लोग भगवान के मंदिर में ज्ञापन सुनाने पहुंच गए.
श्री चारभुजा नाथ बड़े मंदिर में ज्ञापन पढ़कर सुनाया
पूरा मामला महात्मा गांधी चिकित्सालय (MG Hospital) का है. यहां अस्पताल की लापरवाही के कारण 3 प्रसूता समेत 5 महिलाओं की मौत हो गई. लेकिन अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. पीड़ित परिवारों का आरोप है कि अभी भी अस्पताल में वही लापरवाह सिस्टम बना हुआ है. मरीजों की जान के साथ अभी भी खिलवाड़ किया जा रहा है.
दोषी सिस्टम के जिम्मेदार डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ भीमगंज थाने से श्री चारभुजा नाथ बड़े मंदिर तक मार्च निकाला गया. इसमें परिवार के अलावा समाज के सभी वर्गों के लोगों ने भाग लिया. इस विशाल ‘न्याय पदयात्रा’ में भारी आक्रोश देखने को मिला. गुलमंडी बाजार से गुजने वाले इस मार्च में गुस्साए लोगों ने जमकर नारेबाजी की. इस दौरान परिवार अपनी व्यथा को लेकर भगवान के नाम पर ज्ञापन लेकर पहुंचा. वहीं श्री चारभुजा नाथ बड़े मंदिर पर पहुंचने पर उन्होंने पूरा ज्ञापन भगवान को पढ़कर सुनाया और न्याय की गुहार लगाई.
‘किसी जिंदगी के साथ अब खिलवाड़ ना हो’
पीड़ित परिवारों ने बताया कि हम अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट-काटकर थक गए हैं. लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है. अस्पताल में अभी भी पहले जैसा सिस्टम चल रहा है. पीड़ितों ने बताया कि जो हमारे ऊपर गुजरी है, हम नहीं चाहते कि अब किसी और परिवार को ये देखना पड़ा. इसलिए अब हम लोग भगवान को अपनी आपबीती बताने आए हैं. परिजनों ने कहा कि इस दर से कोई भी निराश नहीं होत है. हमको पूरा विश्वास है कि हमारी अर्जी भगवान जरूर सुनेगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी.
बता दें श्री चारभुजा नाथ बड़े मंदिर 450 साल पुराना है. यह भगवान विष्णु का ‘चारभुजा नाथ’ अवतार का मंदिर है. मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से कोई अर्जी लगाता है तो भगवान की उसकी मनोकामना जरूर पूरी करते हैं.
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