मछली लेकर चुनावी मैदान में पहुंचे BJP उम्मीदवार, हाथ में लेकर घर-घर मांगे वोट, ‘Fish Politics’ पर छिड़ा विवाद
भाजपा प्रत्याशी हाथ में मछली लेकर प्रचार-प्रसार करते हुए
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने को भले ही अभी एक महीने बाकी हैं, लेकिन सत्ता की गलियारों में हलचल तेज हो गई है. इस बार के विधानसभा चुनाव में नेताओं के प्रचार-प्रसार का तरीका भी थोड़ा अलग देखने को मिल रहा है. उत्तर 24 परगना जिले की विधाननगर सीट से भाजपा प्रत्याशी शारद्वत मुखर्जी ने हाथ में मछली लेकर प्रचार-प्रसार किया. खास बात रही कि इन दिनों नवरात्रि भी चल रही है. जब भाजपा प्रत्याशी का वीडियो वायरल हुआ, तो टीएमसी ने जमकर हमला बोला.
भाजपा प्रत्याशी के इस अनोखे प्रचार-प्रसार ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. शारद्वत चुनाव प्रचार के दौरान हाथ में मछली घर से निकले. उन्होंने मछली वाले मामले को लेकर कहा कि हम मछली पकाकर ममता बनर्जी को भी खिलाएंगे और उनके भतीजे को भी भेजेंगे. ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा कि वे काफी दुबले पतले हो गए हैं, उन्हें मछली खिलाने की जरूरत है.
प्रचार के दौरान क्या बोले शारद्वत मुखर्जी?
भाजपा उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी ने प्रचार के दौरान कहा कि ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो मांसाहारियों का जीवन बर्बाद हो जाएगा, लेकिन ममता भूल गईं कि त्रिपुरा में पिछले एक दशक से भाजपा सत्ता में है और वहां पर 95 प्रतिशत बंगाली आबादी है. इसलिए मैंने मछली के साथ अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की है. उन्होंने यह भी कहा कि बंगाली किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले मछली जरूर खरीदते हैं.
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नवरात्रि पर मछली के सवाल पर क्या बोले?
नवरात्रि पर मछली खरीदने वाले सवाल पर शारद्वत मुखर्जी ने कहा कि बंगाल में लोग नवरात्रि के दौरान भी मछली खाते हैं. बंगाल में सभी समुदाय के लोग मांसाहारी हैं. खानपान की आदतें अपनी पसंद पर निर्भर करती हैं. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव जीतने के बाद अपनी विधानसभा में हिलसा मछली, झींगा और अन्य चीजें बांटेंगे. मांसाहार पर प्रतिबंध लगाने को लेकर कहा कि हमारी अभी ऐसी कोई योजना नहीं है. फिलहाल, चुनाव प्रचार के इस अनोखे प्रचार को लेकर हर कोई चर्चा कर रहा है.